ईरान ने सऊदी अरब की महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरी पर हमला किया
इज़राइल–अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।
इसी बीच, ईरान ने सऊदी अरब की महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरी रास तनुरा रिफाइनरी पर हमला किया है, जिसके कारण रिफाइनरी को बंद कर दिया गया है।

रायटर्स के अनुसार सऊदी की सरकारी तेल कंपनी सउदी अरामको की इस रिफाइनरी को हमले के बाद बंद किया गया है। इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन लगभग 5.5 से 6 लाख बैरल कच्चे तेल की है। यह विश्व के सबसे बड़े अपतटीय तेल लोडिंग टर्मिनलों में से एक है, जहाँ से अमेरिका, एशिया और यूरोप सहित विभिन्न देशों को टैंकरों के माध्यम से भारी मात्रा में कच्चे तेल का निर्यात किया जाता है।

इसी बीच, ईरान के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने सोमवार को कहा कि ईरान अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता नहीं करेगा। उन्होंने इस खबर का खंडन किया कि ईरान अमेरिका के साथ पुनः बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रहा है।
ईरान ने आज इज़राइल के अलावा क़तर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में भी हमले फिर से शुरू कर दिए हैं।
दूसरी ओर, इस युद्ध में लेबनान का उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह भी शामिल हो गया है। ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने इज़राइल के कई स्थानों पर बमबारी की है। उसने ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली ख़ामेनेई की मृत्यु का बदला लेने की घोषणा की है।
Al Jazeera की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर अब तक ईरान के 1,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। इस दौरान शुरुआती 30 घंटों में 2,000 से अधिक बम गिराए गए।
इन हमलों में अब तक 200 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 740 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
एक विद्यालय पर मिसाइल गिरने से 180 छात्राओं की मृत्यु और 45 के घायल होने की खबर है।
28 फ़रवरी को शुरू हुए इस संघर्ष के पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली ख़ामेनेई मारे गए थे। इसके अलावा, रविवार को 3 अमेरिकी सैनिकों की भी मृत्यु हुई थी।

