Sat. Aug 15th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

उज्यालो नेपाल पार्टी का सचिवालय का गठन

 

काठमाडौँ।

उज्यालो नेपाल पार्टी का सचिवालय का गठन हो गया है। शुक्रवार देर रात तक चली बैठक में अध्यक्ष कुलमान घिसिङ के नेतृत्व में सचिवालय का गठन किया गया।

पार्टी के विधान में 15 सदस्यीय पदाधिकारी रहने की व्यवस्था है, जिसमें अध्यक्ष, वरिष्ठ नेता, एक महिला सहित दो उपाध्यक्ष, महासचिव, एक महिला सहित दो उपमहासचिव, तीन महिलाओं सहित सात सचिव और एक कोषाध्यक्ष शामिल होते हैं।

हालांकि, शुक्रवार की बैठक में केवल 9 सदस्यों पर ही सहमति बन सकी। इसके अनुसार अध्यक्ष के रूप में कुलमान घिसिङ, वरिष्ठ नेता के रूप में अनुप कुमार उपाध्याय, उपाध्यक्ष के रूप में प्रा.डा. महेन्द्र लावती और महासचिव के रूप में धर्म बहादुर चौधरी चयनित हुए हैं।

यह भी पढें   त्रिभुवन विश्वविद्यालय में दिन की कक्षाओं से छात्रों की परेशानी, सुबह-शाम कक्षा चलाने की मांग

इसी प्रकार, सचिवों में रामेश्वर श्रेष्ठ, सुमी मोक्तान, जितराम लामा और केदार खड्का को चुना गया है, जबकि कोषाध्यक्ष के रूप में भगवती कक्षपति को नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा, पार्टी के प्रवक्ता के रूप में श्री गुरुङ, सचिवालय सदस्य के रूप में राजेन्द्र अवस्थी और मुख्य सचिव के रूप में राजु थापा को भी शामिल किया गया है।

अब भी एक उपाध्यक्ष, दो उपमहासचिव और तीन सचिव के पद रिक्त हैं। मुख्य सचिव और प्रवक्ता का पद पार्टी के विधान में उल्लेखित नहीं है।

यह भी पढें   भारत की स्वतंत्रता के अस्सी साल : विगत, वर्तमान तथा भविष्य : श्वेता दीप्ति

सचिवालय में नहीं शामिल हुए उज्यालो अभियान के सहयोगी

हालांकि पार्टी ने सचिवालय का गठन कर लिया है, लेकिन अध्यक्ष घिसिङ के उज्यालो नेपाल अभियान में साथ देने वाले दर्जनों लोग इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सके।

अभियान से उज्यालो नेपाल पार्टी की स्थापना के समय केंद्रीय सदस्य बने लाक्पा फुटी शेर्पा, विजय कँडेल, तुलसा वाइबा, रोशनी लामा, ज्ञानेन्द्र कुमार तामाङ, सीतादेवी पाण्डे, सोमप्रसाद चौधरी, धनबहादुर मिक्चन, डम्बर लावती और प्रदीप कुमार चौधरी सचिवालय में जगह नहीं बना सके।

यह भी पढें   जब तिरंगा लहराता है तब भारत का स्वाभिमान मुस्कुराता है : बिमल सरार्फ

इसी तरह महेन्द्र कुमार थापा, अग्नि माया मेचे, मनोज लुहार, देवकी पौडेल, बालिका चौधरी, भीम बहादुर कुमाल और राजाराम तन्डुकार आदि भी इस सूची में शामिल नहीं हो पाए। इनमें से कुछ लोग वर्तमान में पार्टी में नहीं हैं और राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के साथ एकता प्रयास के दौरान वहीं बने हुए हैं।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com