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भाद्र २३ –२४ को लेकर बालेन ने कहा –सम्पूर्ण क्षति की जिम्मेदारी तत्कालीन सरकार और सहभागी दलों को लेनी चाहिए

 

काठमांडू, चैत्र १२ – काठमांडू महानगरपालिका के तत्कालीन मेयर बालेन साह ने भाद्र २३ गते के प्रदर्शन में सरकार द्वारा जो कदम उठाए गए थे उसे सरकार द्वारा बल प्रयोग को ‘आतंकवादी शैली’ कहा है । भाद्र २३ और २४ के जेन जी आंदोलन में हुए मानवीय तथा भौतिक संरचना में हुए क्षति के बारे में पूर्वन्यायाधीश गौरीबहादुर कार्की संयोजकत्व के जाँच आयोग को बयान देते हुए उन्होंने यह बात कही है । आयोग ने अपना प्रतिवेदन सरकार को सौंप दिया है लेकिन सरकार ने अभी तक उसे सार्वजनिक नहीं किया है ।
आयोग को बालेन द्वारा दिया गया बयान – २०८२ साल भाद्र २३ और २४ गते को मैं सरकारी निवास लैनचौर में था । २३ गते की शांतिपूर्ण रैली में मेरा समर्थन था लेकिन आंदोलन में नहीं था ।
व्यवसायियों और रेस्टोरेन्टों के आग्रह करने के बाद महानगर प्रहरी बल ने पानी वितरण किया । २३ गते स्थिति तनावपूर्ण होने की अवस्था की जानकारी मुझे शाम को संचार माध्यम से प्राप्त हुआ । मेरे सामाजिक सञ्जाल की अभिव्यक्ति ने अनियंत्रित आन्दोलन को शांत करने में मदद की ।
जनधन के रक्षा के लिए सामाजिक संजाल द्वारा मैंने संयम अपनाने की अपिल की थी । घटना पश्चात महानगर प्रहरी बल के साथ ही अन्य विभागों से समन्वय कर घायलों और मृतकों के परिवारों को तत्काल आवश्यक सहयोग भी प्रदान किया । भाद्र २४ गते की घटना दुःखद थी । २३ गते की घटना सरकार के अत्यधिक बल प्रयोग और आतंकवादी शैली का नतिजा हो सकता है । २४ गते को काठमांडू महानगरपालिका ने समय में ही दमकल भेज दिया था और महानगर के भीतर की संरचनाओं को महानगर के दमकल ने नियंत्रण किया ।
सम्माननीय राष्ट्रपति और सेनापति के आग्रह में आंदोलन को शांत करने में मेरी भूमिका थी । तत्कालीन सरकार ने अपराध और आतंकवादी क्रियाकलाप किया है और सम्पूर्ण क्षति की जिम्मेदारी तत्कालीन सरकार और सहभागी दलों को लेनी चाहिए ।

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