Sat. Jun 13th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें himalini-sahitya

हसिकाएं

 

चोर -बंदूक तानते हुए)- जिंदगी चाहते हो तो अपना पर्स मेरे हवाले कर दो।
व्यक्ति- यह लो।
चोर- कितने मर्ूख हो तुम, मेरी बंदूक में तो गोली ही नहीं थी ! हा ! हा ! हा !
व्यक्ति- और मेरे पर्स में भी कहां रुपये थे ! हो ! हो ! हो !

संता कंगाल होने पर बीवी से बोला- तुम बच्चों को नानी के यहां भेज दो। और तुम अपनी मां के पास चली जाओ, मेरा क्या है मैं ससुराल चला जाऊंगा।

यह भी पढें   अंशु झा रचित ‘पवित्र रजस्वला’ हिन्दी काव्य संग्रह का विमोचन

पति आँफिस जा रहा था।
पत्नी प्यार से बोली- सी यू इन द इवनिंग
पति -गुस्से से)- धमकी किसे दे रही है, मैं भी तुझे देख लूंगा।

हिंदी अध्यापिका -छात्रों से)- मामूली का वाक्य में प्रयोग करें।
पप्पू ने सोचा ! सोचा और बोला- मेरी मां मूली बडÞे शौक से खाती है।

चिंटू -मिनी से)- मंदिर के बाहर चप्पल रखने में और मिस काँल देने में क्या चीज काँमन है –
मिनी -चिंटू से)- दोनों में डर लगा रहता है कि कोई उठा न ले।

यह भी पढें   याद किए गए बहुभाषाविद् प्रा.डॉ. कृष्णचन्द्र मिश्र

लडÞकी वाले- हमें ऐसा लडÞका चाहिए जो कुछ खाता-पीता ना हो, और गलत काम ना करता हो।
पंडित जी- ऐसा लडÞका तो आपको आई सी यू के इमरजेंसी वार्ड में ही मिलेगा।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *