Mon. May 4th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

समझो होली है

 

समझो होली है
ऋषिकान्त उपाध्याय

दिल से दिल जब मिले !! तो समझो होली है !
खिले प्रेम के फूल !! !! तो समझो होली है !
‘रंग’ मेरा रंगीला मन है, जिसके ऊपर आये !
मिटे जांतिर्-धर्म का भेद, सब अपना ही हो जाये !
बिछुडों से मिले तार ! तो समझो होली है !
प्यार की पडे फुहार !! तो समझो होली है !
चाचा-ताऊ, भाई-साथी, उडÞाए अबीर- गुलाल
लपटे-झपटे एक दूजे पर, कर दे सबको लाल
हिल मिल खेले ‘परिवार’ , तो समझो होली है !
नैना हो दो-चार ! तो समझो होली है !
दगा-फरेब, होनी-अनहोनी, सब छोडो मेरे भाई
गिला-शिकवा, दुःखर्-दर्द मिटाने ,आई ‘होली’ आई
बीती बात बिसारें, तो समझो होली है !
दुश्मन खडÞा हो द्वार ! तो समझो होली है !
कोई घात लगाकर घूमे, करने को मुंह काला
पास-पडÞोस भौजी संग ‘रंग’ खेले हिम्मतवाला
घरवाली से हो तकरार तो समझो होली है !
‘साली’ पर छलके प्यार ! तो समझो होली है !
ढोल-नगाडÞे पर सब झूमें गायें होली गीत
गुझिया, ठर्ंर्डइ भाँग खिलाकर जोडÞे गहरी प्रीत
गूंगा भी करे गुहार तो समझो होली है !
न उतरे फागुन का ‘बुखार’ ! तो समझो होली है !

होली के रंग
गीतो के संग
– नजीर अकबराबादी

जब फागुन रंग झमकते हों
तब देख बहारें होली की
परियों के रंग दमकते हों
खूँ शीशे जाम छलकते हों
महबूब नशे में छकते हों
तब देख बहारें होली की
नाच रंगीली परियों का
कुछ भीगी तानें होली की
कुछ तबले खडÞकें रंग भरे
कुछ घुँघरू ताल छनकते हों
तब देख बहारें होली की
मुँह लाल गुलाबी आँखें हों
और हाथों में पिचकारी हो
उस रंग भरी पिचकारी को
अंगिया पर तककर मारी हो
सीनों से रंग ढलकते हों
तब देख बहारें होली की
जब फागुन रंग झमकते हों
तब देख बहारें होली की

हरि संग खेलति हैं सब फाग
इहिं मिस करति प्रगट गोपी उर अंतर को अनुराग
सारी पहिरी सुरंग, कसि कंचुकी, काजर दे दे नैन
बनि बनि निकसी निकसी भई ठाढी, सुनि माधो के बैन
डफ, बांसुरी, रुंज अरु महुआरि, बाजत ताल मृदंग
अति आनन्द मनोहर बानि गावत उठति तरंग
एक कोध गोविन्द ग्वाल सब, एक कोध ब्रज नारि
छांडि सकुच सब देतिं परस्पर, अपनी भाई गारि
मिली दस पांच अली चली कृष्नहिं, गहि लावतिं अचकाई
भरि अरगजा अबीर कनक घट, देतिं सीस तैं नाईं
छिरकतिं सखि कुमकुम केसरि, भुरकतिं बंदन धूरि
सोभित हैं तनु सांझ समै घन, आये हैं मनु पूरि
दसहूं दिसा भयो परिपूरन, सूर सुरंग प्रमोद
सुर बिमान कौतुहल भूले, निरखत स्याम बिनोद

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *