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कल तीज पर महिलाएं करेंगी अखंड सौभाग्य के लिए शिव-पार्वती की पूजा

 
 काठमांडू, ३ सेप्टेम्बर | अखंड सौभाग्य की कामना का व्रत हरितालिका तीज रविवार को मनायी जायेगी. भादो महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन अखंड सौभाग्य की कामना के लिए महिलाएं हरितालिका तीज का यह विशिष्ट व्रत रखती हैं. रविवार की सुबह में जागने के बाद महिलाएं स्नान करेंगी और दिन भर निर्जला व्रत रखेंगी. पंडितों के मुताबिक भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से युक्त तिथि तृतीया को देवी पार्वती ने  भाद्र शुक्ल तृतीया हस्त नक्षत्र में आराधना की थी, इसीलिये इस तिथि को यह  व्रत किया जाता है. पंडित अमित माधव जी महाराज ने बताया कि इस रविवार को  तृतीया तिथि का भारतीय समय अनुसार विश्राम 6:55 बजे हो रहा है और हस्त  नक्षत्र का विश्राम 4:53 बजे हो रहा है. अत: पूजन 4:30 बजे से प्रारंभ  अवश्य करना चाहिए.
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जिससे तृतीया संग चतुर्थी और हस्त नक्षत्र का संयोग  प्राप्त हो सके क्योंकि ऐसा संयोग मनोरथ को पूर्ण करने वाला होता है. हरितालिका तीज पर रात भर भजन होंगे और मंदिरों के साथ घरों में जागरण करने की परंपरा है. यह शिव-पार्वती की आराधना का सौभाग्य व्रत है, जो महिलाओं के लिए बेहद पुण्य फलदायी माना जाता है.
पूजा की विधि: हरितालिका तीज का व्रत भी निराहार और निर्जला रहकर किया जाता है. महिलाएं व कन्याएं भगवान शिव को गंगाजल, दही, दूध, शहद आदि से स्नान कराकर उन्हें फल समर्पित करती हैं.
रात्रि के समय घरों में सुंदर वस्त्रों, फूल पत्रों से सजाकर फुलहार बना कर शिव और पार्वती की पूजा की जाती है. गांव-शहर के प्रमुख बाजारों में गौरा पार्वती मिलते हैं. तीज पर पार्वती जी के इसी स्वरूप की पूजा की जाती है. सुबह चार बजे उठकर बिना बोले नहाना होता है और फिर दिन भर निर्जला व्रत रखना पड़ता है. हरितालिका तीज ( पटना से प्रभात खबर में यह जानकारी दी गयी है )

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