वीरगंज में तीज धुमधाम से मनाई गई
धनजिव मिश्रा,वीरगंज १९ भाद्र | आज भाद्र शुक्ल पक्ष तृतीया तिथी है अर्थात हर साल की भाँति आज के दिन महिलाओ के लिए बिशेष दिन है आज का दिन बिशेष होनेका मुख्य कारण यह है कि आज हरितालिका तीज ब्रत है ।

माना जाता है की प्राचीन कालमे पार्बती जी हिम शिखर (बर्फ के पहाड) मे जा कर बहुत कष्टकर तपस्या की थी । बारह बर्षो तक उलटी टंगकर केवल धुवां पीकर रही । चौंसठ वर्षो तक सुखे पते खाकर रही । जल मे बैठी रहती और वैशाख की दुपहरिया मे पंचाग्नि तापती थी । श्रावण महीने के बरसातो मे भूखी प्यासी मैदान मे बैठी रहती थी । उनकी कष्टों को देखकर पार्वती जी के पिता (हिमवान्) ने एक दिन उनका बिवाह भगवान् विष्णु से तय कर दी जब यह बात पार्वती जी को पता चला तो उन्होंने घर छोड़कर अपने सखियों के साथ जंगल में चली गई और वहा पर भगवान् शिव का बालुकामयी प्रतिमा बनाकर अपने सखियो के साथ पूजा आराधना करने लगी । जब भाद्र शुक्लपक्ष की हस्तयुक्त तृतीया तिथी प्राप्त हुई तब पार्वती ने भगवान् शिव का बिधिवत पूजा किया जिसके कारण भगवान शिव प्रसन्न होकर तत्काल पूजन स्थल पर पहुचे और पार्वती से अपना ईक्षा बताने के लिए बोलें तो पार्वती ने बोली की आप मुझे आपना अर्धाङ्गिनी के रूप में स्विकारे तो भगवान् शिव तथास्तु कहकर विलीन हो गए ।
तभी से हर पापो से छुटकारा पाने के लिए और मोक्ष प्राप्ति एबम सुहाग रक्षा के लिए भाद्र शुक्लपक्ष की हस्तयुक्त तृतीया तिथी पर भगवान् शिव का बिधिवत पूजा एबम हरितालिका तिज ब्रत किया जाता है।
हरितालिका तिज ब्रतके कारण वीरगंज बजार मे लोगों का चहलपहल काफी बढ चूका है । ब्यापारीयो का कहना कि दुसरे दिन के मुकाबले पीछले सप्ताह से ही बिक्री बढ चुकीं है ।
उसी तरह वीरगंज के अलखीया मट्ठ, गहवा माई मन्दिर,खडेशरी मट्ठ लगायत जहा भी भगवान् शिव का मन्दिर है वहाँ सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी है ।
तीज के अवशसर पर वीरगंज में बिभिन्न प्रकार के सांस्कृति कार्यक्रम का आयोजना किया गया है।

