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मधेसी गिडगीडाकर नहीं वरण अधिकार लड के लेगी : ब्लैक डे पर मधेशियों का गर्जन

 

विजेता चौधरी, काठमांडू, आश्विन ३ ।
दशहरा से पहले संविधान मस्यौदा नहीं पहुँचाया तो ये सरकार नहीं रहेगी । माइतीघर मण्डला में पहला संविधान दिवस का विरोध स्वरुप काला दिवस कार्यक्रम में बोलते हुए सदभावना पार्टी के सहअध्यक्ष लक्ष्मणलाल कर्ण ने चेतावनी देते हुए कहा कि मधेसी गिडगीडाकर नहीं वरण अपना अधिकार लड के लेगी । हम फिर काठमांडू से मधेस तक सडक पर आएगें । उन्होंने कहा आज मधेस के नौजवान तथा महिलाएं घर में नहीं जाने वाले हैं । मैं सरकार को चेतावनी देता हूँ अगर संविधान नहीं जारी किया तो हमारा नैजवान फिर से सडक पर उतरेगी, तुम कितनो को गोली मारोगे प्रतिप्रश्न किया ।

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विदेभकारी संविधान का संज्ञा देते हुए पहला संविधान दिवस का तिब्र विरोध प्रदर्शन करते हुए मधेसी मोर्चा ने आज काला दिन मनाया है । काठमाण्डू के हृदयस्थली माइतीघर मण्डला में आयोजित काला दिन के विरोध प्रदर्शन के क्रम में बोलते हुए सहअध्यक्ष कर्ण ने कहा सरकार ने मेधस आन्दोलन के क्रम में घायलों का पैसा, सहिद घोषणा एवमे न्यायिक जाँच जैस कुछ काम किया है इसीलिए हम सरकार से फिर्ता नहीं हो रहें हैं । उन्होंने कहा सरकार ने ९ गते से पहले सारी मुद्दा फिर्ता लेने के विषय लगायत की बात की है इसीलिए हम थोडा इन्तजार में हैं । अगर ऐसा नहीं हूआ तो आन्दोलन फिर तिब्र किया जाएगा कहते हुए कर्ण ने जरुरत पडा तो आन्दोलन काठमांडू छोड के मधेस जाने की जिक्र भी की ।
माइतीघर परिसर में सुरक्षाकर्मियों की बडी काफिला पर व्यगं कसते हुए सहअध्यक्ष कर्ण ने कहा कल तक दौरासुरुवाल में हमारी निगरानी करने वाले सरकार के सुरक्षाकर्मी आज हमारे काला दिवस में काला कपडा पहन कर हमारी सुरक्षा कर रही हैं ।

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माइतीघर में आयोजित विरोध प्रर्दन में बोलते हुए सदभावना के सहसचिव मनिष सुमन ने कहा संविधान में अपने जनता की पहिचान नहीं लीखी गयी थी इसलिए  आज के दिन को हम मधेसियों ने एक वर्ष पूर्व भी काला दिन के रुप में मनाया था । उन्होंने कहा काला झण्डा गाडने में हमारी बहनो की साडिया कम पड गयी थीं । हम आज भी आन्दोलित हैं कहते हूए बताया आज सारे मधेसियों के घर में दुकान में मोहल्ला में साढे ७ बजे से ८ बजे तक आधा घण्टा के लिए बत्ति गुल कर के काला दिन मना रहा है मधेस ।
विरोध प्रदर्शन में बोलते हुए तमलोपा के महामन्त्री जितेन्द्र सोनल ने कहा मधेसी जनता के खून से तथा पुलिस के बन्दुक के नाल से लिखा गया संविधान जनता का नहीं हो सकता है । ये एक मुठठी भर जनता का संविधान है उन्होंने कहा ।
जनतान्त्रीक के संजय यादव ने कहा ब्ल्याक आउट हमरा सब से बडा जीत है । हम अलगाववादी नहीं हंै कहते हुए उन्होंने हम अपना हक चाहते हैं जिस के लिए हमारे सैकड़ों भाइयों ने बलीदान दिया ।
विरोध सभा में सदभावना के महामन्त्री कौशलेन्द्र मिश्र ने कहा काला दिवस हमेशा याद दिलाता रहेगा कि ये संविधान सभी जनता का साझा नहीं है ।

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विरोध सभा मे मधेस लोकतान्त्रीक की केन्द्रीय सदस्य चन्दा चौधरी, सदभावना की डिम्पल झा, शैलदेवी महतो, राकेश मिश्र लगायत के वक्ताओं ने अपना विचार व्यक्त किया ।

मधेशी समाज ने बूत बने सरकार के आगे मधेशी शहीदों की लास बनकर सांकेतिक वीरोध प्रदर्शन किया था | साथहि काले कपड़े में लिपटे ब्लैक बुद्ध का मानव पुतला प्रदर्शन किया था |
कार्यक्रम में राजनीतिक विश्लेषक सीके लाल लगायत नागरिक अगुवाओं की भी उपस्थिति रही ।

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