ब्रिक्स सम्मेलन में भारत और चीन के बीच नेपाल सम्बन्धी विचार
आश्विन १९ गते
नेपाल के विकास और राजनीतिक स्थायीत्व को लेकर भारत और चीन के बीच विचार विमर्श का परिणाम नेपाल के हक में अच्छा होने की सम्भावना है ।
आश्विन ३० गते गोवा में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए चिनियाँ राष्ट्रपति सी भारत जा रहे हैं और वहाँ प्रधानमंत्री दहाल को भी इस विचार विमर्श में शामिल करने का वातावरण बनाने के लिए परराष्ट्र मंत्रालय प्रयासरत है । चीन इसके पहले भी नेपाल के विषय में भारत के साथ आवश्यकतानुसार बात करने की इच्छा जता चुका है । ब्रिक्स में प’नर्निमाण सम्बन्धी समझौता भी होने की सम्भावना है । एक महीने के भीतर प्रधानमंत्री की यह दूसरी भारत यात्रा होने वाली है । ब्राजील, रुस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रिका के समूह ब्रिक्स के सम्मेलन में पर्यवेक्षक के रुप में नेपाल, बंगला देश, भूटान, श्रीलंका, थाइल्रंड, मयानमार आदि देश होंगे । २०१५ में भी मोदी के भीन भ्रमण के क्रम में नेपाल के विषय में बातें हुई थीं । उस समय हुए लिपुलेक समझौते को लेकर नेपाल अपना विरोध जता चुका है । इस बार नेपाल इन दोनों देश के साथ मिलकर विचार विमर्श की तैयारी में है । साइडलाइन में होने वाले विमस्टेक बैठक में प्रधानमंत्री दहाल एशियाली क्षेत्रीय सहयोग संगठन सार्क के विषय में भी विचार किए जाएँगे कि स्थगित सम्मेलन कब और कहाँ होगी ।


