मैं राजनेता बनकर नहीं बैठ सकता ः केपी ओली
काठमाडौं२६ गते मंसिर

एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने कहा कि सरकार निर्वाचन की तैयारी न कर संशोधन प्रस्ताव को लेकर आई है ।
अनेरास्ववियु द्वारा आयोजित आइतबार को महिला हिंसा अन्त्यका लागि साझा प्रतिबद्धता, संविधान कार्यान्वयनका लागि राष्ट्रिय एकता’ विषय पर विचारगोष्ठी में उक्त बातें कही ।
उन्होंने संविधान संशोधन अन्य के लिए न होकर निर्वाचन के लिए कर सकने की धारणा रखी । किन्तु देश के हित में करने पर जोर दिया । उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वाधीनता, एकता, लोकतन्त्र और देश को समृद्धि की ओर ले जाने बाली बात में कोई समझौता नहीं है जरुरत होगी तो हम संघर्ष में जाएँगे ।
पूर्वप्रधानमन्त्री ओली ने कहा कि पूर्वजों के बनाए अपने देश को अपने समय में कोई बिगाडने की बात न सोचे । देश और जनता के लिए लडने की स्थिति में मैं राजनेता बन कर नहीं बैठ सकता । मुझे राजनेता बनने का मन नहीं है ।
उन्होंने ३३प्रतिशत महिला आरक्षण को पुराना कहते हुए इसे बढाने की बात कही ।
संविधान में महिला के अधिकार का उल्लेख होने पर भी महिला सशक्तीकरण, नेतृत्वदायी और उत्तरदायी भूमिका में सहभागिता बढाने पर जोर दिया ।
एमाले केन्द्रीय सदस्य सावित्री भुसाल ने कहा कि पार्टी ने महिला हिंसाविरुद्ध आचारसहिंता बनाया है सभी महिला को हिंसा अन्त करने के लिए एकजुट होना होगा ।
राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग की प्रवक्ता मोहना अन्सारी ने कहा कि महिला हिंसा अन्त् के लिए महिला और पुरुष को मिलकर आगे आना होगा ।
कार्यक्रम में एमाले के केन्द्रीय सदस्य रवीन्द्र अधिकारी, नेपाली कांंग्रेस की केन्द्रीय सदस्य पुष्पा भुसाल, माओवादी केन्द्र की केन्द्रीय सदस्य अमृता थापामगर, सञ्चारिका समूह की अध्यक्ष निर्मला शर्मा, अनेरास्ववियु की अध्यक्ष नविना लामा लगायत सबने महिला हिंसा अन्त के लिए सभी राजनीतिक दल से एक ऐजेन्डा पर आगे बढने का आग्रह किया । रासस

