मधेसीयों की खून से ओली और नेपाली शासक मना रही है होली : रोशन झा
मधेसीयों की खून से नेपाली शासक ने मनाई होली,
सत्ता की खेल में कबतक लगेगी सहादत की बोली…….?
रोशन झा, २९ फागुण बिराटनगर | मधेसीयों का नरसंहार कर पाच निहत्थे निर्दोष मधेसीयों की खून से नेपाल सरकार, नेपाली राजनैतिक दल और नेपाली पुलिस ने मधेस की भूमि पर आकर होली मनाई है । फागुण २३ गते नेपाल प्रहरी द्वारा घटाई गई ईतने बडे निन्दनीय एवं अपराधिक सप्तरी हत्या काण्ड के बाद नेपाली जनता और नेपाली सरकार खुसीयाँ मना रही है, तो वही मधेस के मसिहा कहलानेवाले मक्कार मधेसवादी दल के नेता शहीदों की सहादत को सत्ता-भत्ता की गोटी बनाकर चाल चलने की नियत मे दिखाई दे रही है | मधेसी जनता प्रथम मधेस आन्दोलन से ही देखती आरही है के ये नेता सत्ता केन्द्रित राजनीति करते है और जबजब ईन्हे सत्ता की हवस बढती है तो ये लोग मधेसीयों को आन्दोलन में मरवाकर उनकी लास को सीढ़ी बनाकर सत्ता की कुर्सी पर जाते है ।
ऐमालेद्वारा आयोजीत जागरण अभियान ऐक चुनावी हतकण्डा है । क्यूँकि मधेस से नेपाली राजनीति में सिर्फ ३६% और हिमाल, पहाड से ६४% प्रतिनिधित्व है । ओली भलिभाती जानते थें कि मधेस में उनका बिरोध होगा, किन्तु खोकला राष्टवाद पाठ पढाकर वो ६४% मत अपने पक्ष मे करने का षडयन्त्र स्वरुप मधेसी जनभावना को उक्साकर यहाँ पर सप्तरी में नरसंहार करवाया । मधेसवादी दल भी अपने पुराने दिनों को यादकर सप्तरी घटना से मधेसी जनता की मनोभाव को अपनी चुनावी अस्त्र के रुप में उपयोग करना चाहती है । क्योंकि उन्हे मालुम है जब प्रथम मधेस आन्दोलन हुआ था तो उस समय मधेसी जनता ने ईन्हे अत्याधिक जनमत देकर अपना हक-अधिकार सु-निश्चितता के लिए नेपाली संसद में भेजा था ।
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