उत्तर प्रदेश: सीएम पद की रेस में मनोज सिन्हा सबसे आगे, बिहार से है खास रिश्ता
*लखनऊ.मधुरेश*.-उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के लिए केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा का नाम लगभग तय माना जा रहा है. आज भाजपा विधायकों की बैठक में सिन्हा के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है. इस बीच मनोज सिन्हा शनिवार को वाराणसी के प्रसिद्ध कालभैरव मंदिर पहुंचे और पूजा अर्चना की. उन्होंने काशी-विश्वनाथ मंदिर में भी हाजिरी लगायी.
आपको बता दें कि नए सीएम का शपथ ग्रहण 19 मार्च को होगा. शपथ ग्रहण के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां कर लीं हैं. 19 मार्च को शाम 5 बजे लखनऊ के स्मृति उपवन में शपथ ग्रहण समारोह का कार्यक्रम रखा गया है.
मनोज सिन्हा गृह मंत्री राजनाथ सिंह के करीबी माने जाते हैं. यही नहीं पीएम मोदी भी मनोज सिन्हा के काम के कायल हैं और वे खुद उनकी तारीफ कर चुके हैं. सिन्हा यूपी के गाजीपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. वे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके हैं.
मनोज सिन्हा का जन्म 1 जुलाई, 1959 को मोहनपुरा (गाजीपुर) में हुआ. उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) वाराणसी से बी.टेक और एम.टेक की उपाधियां हासिल की. मोदी सरकार में मनोज सिन्हा ने रेलवे के राज्य मंत्री के रूप में कार्यभार ग्रहण किया.
वर्ष 1989 से 1996 तक मनोज सिन्हा भाजपा राष्ट्रीय परिषद के सदस्य थे. वर्ष 1996, 1999 और 2014 में उन्हें लोक सभा में निर्वाचित किया गया. उपस्थिति के उच्च आंकड़ों के साथ वे 13वीं लोक सभा के बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले सदस्यों में से एक रहे.
मनोज सिन्हा की शादी 1 मई 1977 को सुलतानगंज में हुई. सुलतानगंज बिहार के भागलपुर में पड़ता है. उनकी पत्नी का नाम नीलम सिन्हा है. मनोज सिन्हा की एक बेटी है जिसकी शादी हो चुकी है और एक बेटा भी है जो एक टेलेकॉम कम्पनी में कार्यरत है. राजनीति में रहकर गलैमर से दूर रहने वाले मनोज सिन्हा का नाम यूपी के सीएम पद के लिए सबसे आगे आने पर भाजपा एवं राष्ट्रवादी विचारधारा के लिए काम करने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है।

