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प्रचंड और मधेशवादीं दलाें के बीच पाँच विषयों पर सहमति

 

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हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, ३१ मार्च ।
प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल प्रचंड के आह्वान में नेपाली कांग्रेस, माओवादी केंद्र, राप्रपा और संयुक्त लोकतांत्रिक मधेशी मोर्चा की साझा बैठक में पाँच विषयों पर संविधान संशोधन प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की सहमति हुई ।
आज प्रधानमंत्री निवास बालुवाटार में हुई बैठक में प्रधानमंत्री प्रचंड ने सीमाकंन के मुद्दे को बाकी रखकर अन्य विषयों में संविधान संशोधन किए जाने का जिक्र करते हुए मोर्चा को स्थानीय तह के चुनाव में शरीक होने का प्रस्ताव किया ।
प्रस्ताव में भाषा आयोग की सिफारिश पर नेपाल सरकार द्वारा निर्णित सरकारी काम–काज की भाषाओं को संविधान में अतिरिक्त अनुसूची जोड़कर उसमें शामिल करने, राष्ट्रीय सभा के निर्वाचक मंडल से गाँवपालिकाओं व नगरपालिकाओं के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को हटाने की प्रतिबद्धता जाहिर की ।
साथ ही सिमांकन के लिए सङ्घीय आयोग गठन करने, स्थानीय तह की सङ्ख्या का जनसङ्ख्या के अनुपात में निर्धारण किए जाने, सङ्घीय संरचना और सीमाङ्कन के मुद्दे का सङघ और प्रदेश के चुनाव से पहले निराकरण किए जाने की प्रतिबद्धता भी सत्तापक्ष ने मोर्चा के समक्ष जताई ।

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आज की बैठक में प्रमुख दलों के शीर्ष नेताओं के साथ विचारविमर्श कर संविधान संशोधन का नया प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी प्रधानमन्त्री को दी गई । ये जानकारी माओवादी केन्द्रकी प्रवक्ता पंफा भुषाल ने दी ।
बैठकमा प्रधानमन्त्री प्रचण्ड, दो उपप्रधानमन्त्री कृष्णबहादुर महरा र विमलेन्द्र निधि, कांग्रेस के नेता गण रामचन्द्र पौडेल, कृष्ण सिटौला, प्रकाशमान सिंह, माओवादी केन्द्र के नेता गण वर्षमान पुन, मातृका यादव, पंफा भुषाल, चन्द्रप्रकाश खनाल, राप्रपा नेता दीपक बोहरा, मधेशी मोर्चा के नेता गण उपेन्द्र यादव, महन्थ ठाकुर, राजेन्द्र महत्तो, अनिल झा, शरदसिंह भण्डारी, राजेन्द्र श्रेष्ठ लगायत सहभागी थे ।

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