क्यों रोका गया भारतीय कम्पनी को स्मार्ट लाइसेन्स बनान से

हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, १३ मई ।
सुप्रीम कोर्ट ने स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस की छपाई के दौरान नेपाली नागरिकों का व्यक्तिगत विवरण किसी विदेशी के हाथ में पहुँचने न देने के हिसाब से काम करने का आदेश दिया है ।
न्यायाधीश केदारप्रसाद चालिसे और हरिकृष्ण कार्की की साझा पीठ ने इससे पूर्व के अन्तरिम आदेश को निरन्तरता देते हुए मुद्दे का अंतिम निराकरण न होने तक के लिए ये आदेश जारी किया है ।
भारतीय कम्पनी को स्मार्ट लाइसेन्स बनाने के लिए देने के सरकार के निर्णक के विरोध में अधिवक्ता भक्तिराम घिमिरे ने ऐसा करने पर नेपाली नागरिक का निजी विवरण विदेशी के हाथ में पहुँचने की दलील के साथ याचिका दायर की थी ।

