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नेपाल पत्रकार महासंघ में नेपाल में महिला पत्रकारों की अवस्था पर चर्चा

 

काठमाडौं– २० जुलाई


नेपाल पत्रकार महासंघ द्वारा एफएचआई ३६० साथ के सहकार्य में पत्रकार महिलाओं की अवस्था और भूमिका के विषय में चर्चा हुई । अन्तरक्रिया में महासंघ के अध्यक्ष डा. महेन्द्र विष्ट ने कहा कि महासंघ की कोशिश है कि पत्रकार महिलाओं की संख्या ज्यादा हो । उन्होंने कहा कि
महासंघ के विधान पुनर्संरचना ने महिला पत्रकारों की संख्या वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । । उन्होंने कहा कि पत्रकार महिलाओं की क्षमता अभिवृद्धि करने के लिए महासंघ तालिम तथा लैङ्गिक लक्षित पुरस्कार की स्थापना की है और सञ्चार निर्देशिका में लैङ्गिकमैत्री की व्यवस्था करने की पहल करेगा ।

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महासंघ कीप् उपाध्यक्ष अनिता बिन्दु ने महासंघ में २०६३ साल से अब तक के पत्रकार महिलाओं का तथ्यांक प्रस्तुत किया । जिसमें २०६३ कार्तिक तक महासंघ की कुल सदस्य संख्या ५ हजार ३५ रहै और पत्रकार महिला की संख्या ४ सौ ३० बताई गई है ।

इसी तरह, २०६६ में कुल पत्रकार सदस्यता संख्या ७ हजार ५ सौ में संख्या ८ सौ १८, २०६८ में ८ हजार १३ सदस्यों में पत्रकार महिलाओं की संख्या १ हजार १ सौ ६८ थी ।

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२०७० साल में कुल सदस्य संख्या १० हजार ७७ में पत्रकार महिलाओं की संख्या १ हजार ६ सौ १३ थी । २५वें माहाधिवेशन प्रयोग के लिए २०७४ की कुल सदस्य संख्या १२ हजार ७ सौ ८४ में से पत्रकार महिलाओं की संख्या २ हजार २ सौ ४७ का तथ्यांक प्रस्तुत किया गया ।

पत्रकार महासंघ के महासचिव उजिर मगर ने न्यूजरुम तथा सञ्चारगृह के उपरी निकायों में पत्रकार महिलाओं की सहभागिता और महिलामैत्री वातावरण बनाने पर बल दिया ।

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सञ्चारिका समूह की पूर्वअध्यक्ष बबिता बस्नेत ने सञ्चार गृह में पत्रकार महिला की सहभागिता आवश्यक रहने की बात बताई । और महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता पर ध्यान देने को कहा ।
कार्यक्रम में यशोदा अधिकारी, अछाम की पत्रकार मेनुका ढुंगाना, तृष्णा पौडेल पार्वता चौधरी, उजेरा ढकाल सिता पोखरेल, रञ्जना श्रेष्ठ कल्पना आचार्य, रमिता लामा आदि महिला पत्रकारों ने अपने अपने अनुभव सुनाए ।

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