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मैं अंगीकृत नागरिक हूँ अंगीकृत शब्द हमें हमारी जन्मभूमि से जोड़ता है : डा.उषा झा

 
डा. उषा झा समझौता नेपाल गैर सरकारी संस्था की प्रमुख कार्यकारी अधिकृत हैं ।

काठमांडू | हिमालिनी ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर डा. उषा झा जी के विचारों को जानना चाहा । प्रस्तुत हैं उनके विचार उन्हीं के शब्दों में….
मैं अंगीकृत नागरिक हूँ । यह शब्द आजकल बहस का विषय बना हुआ है । पर मुझे लगता है कि यह अंगीकृत शब्द हमें हमारी जन्मभूमि से जोड़ता है और हमारी मूल पहचान को बरकरार रखे हुए है । मुझे इस शब्द से कोई खास परेशानी नहीं है । कई बिन्दु हैं जिस पर बहस जारी है और उम्मीद भी है कि इसका समाधान निकलेगा मैं इसके प्रति आशावान हूँ ।

मैं मधेशी महिला हूँ इस कारण मधेश की अवस्था, उसके अधिकार और विकास को लेकर एक जागरुक नागरिक के नाते चिन्तीत भी रहती हूँ । मेरा काम ऐसा है कि मुझे कई क्षेत्रों में जाना होता है । मधेश का पिछड़ापन कई स्तर पर नजर आता है जहाँ इसके विकास की गति बहुत धीमी है ।

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वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर डा. उषा झा जी के विचार

मधेश की उम्मीद का केन्द्रबिन्दू राष्ट्रीय जनता पार्टी नेपाल है । अब यह किसी व्यक्ति विशेष से आबद्ध पार्टी नहीं रह गई है बल्कि एक संस्था बन गई है । मैं विकास कार्यकर्ता हूँ इसलिए विकास की ही वकालत भी करती हूँ । राजपा पूर्व के दाे चुनाव में शामिल नहीं हुई । अब सामने दो नम्बर प्रदेश का चुनाव है । एक मधेश एक प्रदेश का नारा एक बार फिर सर उठा रहा है । संविधान संशोधन के मसले को लेकर चुनाव वहिष्कार की बातें हो रही हैं । संविधान एक ऐसा दस्तावेज है जो एक ही समय में एक साथ सबको संतुष्ट नहीं कर सकती इसलिए उसमें संशोधन का अवसर जिन्दा रहना चाहिए । पर अभी के हालात में इन मुद्दों को जिन्दा रखते हुए मुझे लगता है कि मधेशवादी दलों को चुनाव के इस अवसर का लाभ लेना चाहिए और चुनाव में शामिल होना चाहिए । जनता को उसके मत के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए । यह मेरी व्यक्तिगत धारणा है कि चुनाव में शामिल होकर आप बहुमत लेकर् आएँ और मजबूती से अपनी माँगों को, मधेश के अधिकारों को सामने रखें । निश्चय ही इसके सुखद परिणाम सामने आएँगे । जनता को उनके मताधिकार से वंचित कर कुँठित ना करें । जनता को अधिकार और विकास दोनो चाहिए ।

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डा. उषा झा समझौता नेपाल गैर सरकारी संस्था की प्रमुख कार्यकारी अधिकृत हैं । आपने केमिस्ट्री में पी एचडी की है । २००१ से आप मुख्य रुप से महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कार्य कर ही हैं । एक विकास कार्यकर्ता बनने से पहले आप कृषि तथा पशु विज्ञान अध्ययन संस्थान रामपुर चितवन में अध्यापन कार्य में संलग्न रहीं तत्पश्चात् उसी कालेज के लमजुंग ब्रान्च में कैम्पस चीफ का महत्तवपूर्ण पदभार सम्भाला और सफलतापूर्वक कार्य सम्पादन किया ।

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