Fri. Apr 3rd, 2020

म्यांमार में खूनी झड़प, 32 की मौत

यंगून, रायटर।25 अगस्त

 संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान के नेतृत्व वाली समिति की ओर से रिपोर्ट सौंपे जाने के कुछ घंटों बाद ही रोहिंग्या विद्रोहियों ने म्यांमार के सुरक्षाबलों पर बड़ा हमला किया। हमलावरों ने गुरुवार आधी रात के बाद अशांत रखाइन प्रांत के मांगडाउ और बुथीडौंग शहर में 24 पुलिस नाकों और एक सैन्य अड्डे पर अचानक हमला कर दिया। दोनों ओर से हुई गोलीबारी में 21 विद्रोही और 11 सुरक्षाबल (दस पुलिसकर्मी और एक सेना का जवान) की मौत हो गई। मरने वालों की तादाद बढ़ने की आशंका जताई गई है। अराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी (आरसा) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

कोफी अन्नान की अगुआई वाली समिति ने गुरुवार को आंग सांग सू की को रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें रो¨हग्या संकट के समाधान के लिए अत्यधिक बल प्रयोग से बचने की सलाह दी गई है। इसके कुछ घंटों बाद ही विद्रोहियों ने सुनियोजित तरीके से सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया। म्यांमार की सेना ने कुछ इलाकों में मुठभेड़ जारी होने की बात कही है।

पिछले साल अक्टूबर के बाद यह दोनों पक्षों के बीच सबसे भीषण मुठभेड़ है। विद्रोही संगठन ने ऐसे और हमले की धमकी दी है। इस हमले में तकरीबन डेढ़ सौ लड़ाकों के शामिल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, अपुष्ट सूत्रों की मानें तो इसमें एक हजार विद्रोही शामिल हैं।

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कौन है आरसा

वर्ष 2012 में सैन्य कार्रवाई के बाद सऊदी अरब में रहने वाले रोहिंग्या मुस्लिमों ने विद्रोही संगठन आरसा का गठन किया। इसका सरगना अताउल्ला है। संगठन ने ट्वीट किया, ‘बर्मा की लुटेरी सेना के खिलाफ विद्रोहियों ने क्षेत्र के 25 स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्रवाई की है। जल्द ही इस तरह की और कार्रवाई देखने को मिलेंगी।’

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