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विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान काे जीवन्त रखना हाेगा : राष्ट्रपति विद्या भंडारी

 

काठमाडौँ –२ सितम्बर

 

राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी ने प्रकृतिमैत्री विकास की अवधारणा काे  कार्यान्वयन कर विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान काे जीवन्त रखने की बात कही है।

जैविक विविधता, जलाधार क्षेत्र, जलवायु, नेपाली कला संस्कृति, मानव तथा वातावरणीय अधिकार के बारे  में समावेश कर तैयार किया गया गीतिसंग्रह का सिम नेपाल अाैर राष्ट्रपति चुरे–तराई–मधेश संरक्षण विकास समिति द्वारा यहाँ आज आयोजित कार्यक्रम में सार्वजनिक किया गया जहाँ राष्ट्रपति ने उक्त धारणा व्यक्त की ।

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उन्हाेंन कहा कि सभ्यता के  विकास के साथ ही पृथ्वी से निरन्तर महत्वपूर्ण लाभ हम लेते हैं,  ‘प्राकृतिक सम्पदा का अनियन्त्रित अाैर अत्यधिक दोहन से वातावरणीय असन्तुलन बढ रहा है जलवायु परिवर्तन अाैर वातावरण विनास जैसि जटिल समस्या उत्पन्न  हाे रही है, इसका नकारात्मक असर जैविक विविधता, हिमश्रृङ्खला, जलाधार अाैर नदी प्रणाली पर पड रहा है ।’ इसकी सुरक्षा हम सबकाे करनी हाेगी ।

 

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