मतपत्र में सुधार, अब मतपत्र में सिर्फ उम्मीदवारों के ही चिनाव चिन्ह रहेगा
काठमांडू, ९ कार्तिक । निर्वाचन आयोग ने मतपत्र में सुधार किया है । यह सुधार प्रत्यक्ष उम्मीदवार बननेवालों के लिए फायदाजनक होगा । अपेक्षा किया जा रहा है कि बदर मतों की संख्या में भी कमी आएगी ।
स्थानीय चुनाव में राजनीतिक दलों के बीच चुनावी तालमेल होने के कारण कई जगहों में प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवार नहीं थे, लेकिन निर्वाचन आयोग ने ऐसी जगह में भी मतपत्र में चुनाव चिन्ह रखा था । लेकिन प्र्रतिनिधिसभा और प्रदेशसभा में अब ऐसा नहीं होगा । जहां उम्मीदवार नहीं है, वहां चुनाव चिन्ह भी नहीं रहेगा ।

उदाहरण के लिए धनुषा क्षेत्र नं. १ में राजपा और संघीय समाजवादी फोरम के बीच चुनावी तालमेल की गई, वहां राजपा के उम्मीदवार ने टिकट प्राप्त किया । अब उस क्षेत्र में जानेवाला मतपत्र में फोरम नेपाल के चुनाव चिन्ह ‘मसाल’ नहीं होगा । अथवा फोरम नेपाल के उम्मीदवार को टिकट मिला और राजपा के उम्मीदवार नहीं है, तो उस क्षेत्र में जानेवाले मतपत्र में राजपा के चुनाव चिन्ह ‘छाता’ नहीं रहेगा । ऐसा करने से बदर मतसंख्या कम हो सकता है, जानकारों को मानना है ।
लेकिन समानुपातिक मतपत्र में आयोग में पञ्जीकृत और बन्दसूची पेश करनेवाले सभी राजनीतिक दलों का चुनाव चिन्ह रहेगा ।

