उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हुआ महापर्व छठ
लोक आस्था का महापर्व छठ शुक्रवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो गया. छठ पर्व के चौथे और अंतिम दिन व्रती और श्रद्धालु अपने परिजनों के साथ शुक्रवार की सुबह विभिन्न नदी घाटों और तालाबों के किनारे पहुंचे. उन्होंने पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को दूसरा अर्घ्य दिया.
नहाय-खाय के साथ 24 अक्तूबर से शुरू हुए लोक आस्था के इस पर्व के दूसरे दिन व्रतियों के सूर्यास्त होने पर खरना के तहत रोटी एवं खीर का भोग लगाये जाने के बाद उनके द्वारा रखा गया 36 घंटे का निर्जला उपवास गुरुवार की शाम डूबते हुए सूर्य एवं शुक्रवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पारण (भोजन) के साथ संपन्न हो गया.


