शहीद पत्रकार उमा सिंह की माँ को सुरक्षा थ्रेट, दर दर भटकने को मजबूर
मनोज बनैता, लहान २३ कात्तिक ,शहीद महिला पत्रकार उमा सिंह की माँ शुशिला सिंह आर्थिक संकट की वजह से दो वक्त की रोटी जुटाने में विभिन्न कठिनाईयों का सामना कर रही है । शुशिला सिं हके पास अपने अंश मे साढे सात बीघा जायदाद होने के वावजुद भी उक्त जमीन का उपज नही ले सकी है । उनके पास मिर्चैया नगरपालिका वडा नम्बर ९ पिपरा ढोढना स्थित रहे खेती बटैया (अध्या) मे दिया गया है । शुशिला कहती है … ‘उमा की हत्या पश्चात सात—आठ बर्ष तक बटैया (अध्या) से आए अन्न हम खाते थे ।
लेकिन, ललिता सिंह की रिहाई के बाद से ये समस्या हमे झेल्ना पड रहा है । ‘ललिता ने खेती करने वाले बटिदार को उपज अबसे मुझे दो कह के धमकी दी है । बटिदार भी बटिया रोक दिया है । ललिता सिंह को उमा सिंह के हत्या के आरोप मे जन्मकैद हुवा था । लेकिन, ईसी दशमी मे आठ बर्ष पश्चात रिहाई हुवा है । शुशिला सिंह के पति रंजित सिंह और बेटा संजय सिंह माओवादी द्धन्द्धकाल मे ही मारे गये थे । रंजित और संजय सिंह के हत्या पूर्व ही ललिता सिंहको अंशवण्डा करके जग्गा जमीन अलग कर दिया गया था । ईधर, शुशिला और उमासिंह के नाम मे रहे जमीन की उपज में ललिता सिंह हस्तक्षेप करने लगी है ।
पीडित शुशिला सिंह ने अपनी सुरक्षा और उपज प्राप्ति के लिए कात्तिक १६ गते जिल्ला प्रहरी कार्यालय सिरहा मे शान्ति सुरक्षा कायम के लिए निवेदन भी दर्ता कराई है । उमा सिंह की हत्या की आरोपी ललिता सिंह जेल से आते ही हमको अपने ही सम्पति से वेदखल करके दैनिक जीवन यापन मे समेत समस्या खडी करदेने की बात निवेदन में उल्लेखित है । हत्या के आरोप मे जन्मकैद होनेवाले ललिता सिंह को किस आधार पर छोडा गया ये भी उस निवेदन में उल्लेखित है । शान्ति सुरक्षा के लिए जिला प्रहरी कार्यालय सिरहा सम्बन्धित प्रहरी कार्यालय मिर्चैया को पत्राचार कर चुकी है । उमा सिंह के हत्या पश्चात उनकी माँ शुशिला सिंह आठ बर्ष से डरत्रासके कारण भारत मे रह रही थी । सिंह खेत के उपज लेनेके लिए बर्षमे तीन—चारबार र्मिचैया आती थी । उमा सिंह की हत्या २०६५ पौष २७ गते जनकपुर मे हुइ थी ।


