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कूटनीतिज्ञों को अपने निवास में बुलाकर क्या कहा प्रधानमन्त्री ओली ने ?

 

विखण्डनकारी और शान्ति विरोधी गतिविधि स्वीकार्य नहीं हैः प्रधानमन्त्री ओली

काठमांडू, २७ मार्च । प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने कहा है कि विखण्डनकारी और शान्ति विरोधी तत्व नेपाल के स्वीकार्य नहीं है । नेपाल स्थित विभिन्न देश के कूटनीतिज्ञों को मंगलबार सरकारी निवास बालुवाटार बुलाकर प्रधानमन्त्री ओली ने कहा है कि नेपाली जनता स्वतन्त्र हैं, किसी भी विदेशी हस्तक्षेप भी स्वीकार्य नहीं हैं । प्रधानमन्त्री होने के बाद पहली बार प्रधानमन्त्री ओली ने विदेशी कुटनीतिज्ञों को सरकार की नीति के बारे में इस तरह ब्रिफिङ किया है । कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने पिछली राजनीतिक परिवर्तन, सरकार की प्राथमिकता और नेपाल की परराष्ट्र नीति के संबंध कहा है ।
प्रधानमन्त्री ओली ने कहा है कि अपनी शासन काल में किसी भी हांलत में अस्थिरता को स्थान नहीं दिया जाएगा । उन्होंने कहा– ‘नेपाली जनता अपनी निर्णय खूद कर सकती है । खूद सहभागी होकर प्राप्त उपलब्धी के प्रति जनता सतर्क हैं । लेकिन कुछ जगहों से नेपाली सद्भाव के प्रति रुकावट सिर्जना हो रही है । मैं चाहता हूं कि नेपाली जनता कहीं से भी किसी भी एजेण्डा के लिए दुरुपयोग न हों । इस तरह के तत्वों को परास्त करने के लिए सम्पूर्ण स्रोत और शक्ति प्रयोग किया जाएगा । विखण्डनकारी और अशान्ति को प्राथमिकता देनेवाली हर तत्वों को पररास्त किया जाएगा ।’

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प्रधानमन्त्री ओली का कहना है कि नेपाल सरकार कानुनसंगत रुप में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है । भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता का व्यावहार करने की बात उल्लेख करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– ‘नेपाल का हर क्षेत्र में अभी परिवर्तन का आभाष हो रहा है । परिवर्तन की आभाष अभी राजनीतिक और संवैधानिक तहों में दिखाई दे रहा है ।’ उनका यह भी कहना है कि संविधान में उल्लेख व्यवस्था के अनुसार ही संघीयता कार्यान्वयन किया जाएगा । प्रधानमन्त्री ने कहा कि वर्तमान उपलब्धी के लिए राजनीतिक पार्टी और जनता ने जो योगदान दी है, वह अमूल्य है । उन्होंने आगे कहा– ‘मुझे विश्वास है कि नेपाल की भलाई चाहनेवाले लोग तथा शान्त और राजनीतिक स्थिरता के साथ–साथ समृद्ध नेपाल देखने के लिए इच्छुक मित्र हमारी ऐतिहासिक उपलब्धी को स्वीकार करेंगे और खुशीहाली मनाएंगे ।’ प्रधानमन्त्री ओली का मानना है कि अब नेपाल शान्ति, स्थिरता, विकास और सामाजिक न्याय की ओर आगे बढ़ेगी ।
प्रधानमन्त्री ओली ने कहा है कि सरकार की पहली प्राथमिकता राष्ट्रीयता है । उन्होंने कहा– ‘हमारी पहली प्राथमिकता राष्ट्रीयता है, हमारी सार्वभौमसत्ता, भौगोलिक अखण्डता, राष्ट्रिय एकता और स्वतन्त्रता हमारे लिए महत्वपूर्ण है ।’ प्रधानमन्त्री ओली के अनुसार दूसरी प्राथमिकता में लोकतन्त्र है । उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक न्याय और समानता, स्थिरता, सुशासन और जनअपेक्षा को सम्बोधन करना भी सरकार की प्राथमिकता है ।

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