नेपाल काे अपने विकास के लिए चीन अाैर भारत काे जाेडना हाेगा : वांग
काठमाडौँ १८ अप्रैल
चीन नेपाल, भारत अाैर चीन जोड्ने के लिए आर्थिक कोरिडोर निर्माण के लिए बहुआयामिक सञ्जाल विस्तार करने का प्रस्ताव लेकर सामने अाया है ।
परराष्ट्रमन्त्री प्रदीप कुमार ज्ञवाली अाैर चीनी समकक्षी वाङ यीबीच हुए द्वीय–पक्षीय वार्ता के बाद चीन की अाेर से यह प्रस्ताव अाया है ।
परराष्ट्रमन्त्री ज्ञवाली इस समय पाँच दिन की चीन यात्रा में हैं ।
दाेनाें नेताअाें के बीच हुई मुलाकात के बाद आयोजित संयुक्त पत्रकार सम्मेलन में वाङ ने कहा, ‘चीन अाैर नेपाल अन्तर–हिमालय कनेक्टिभीटी सञ्जाल के दीर्घकालिन परिकल्पना में सहमत है ।’
वाङ ने नेपाल अाैर चीन द्वारा इससे पहले ही बेल्ट अाैर रोड परियोजना में हस्ताक्षर किए जा चुके की जानकारी देते हुए कहा कि कनेक्टिभीटी में सहकार्य भी इसी का एक अंश है । इसमें दाेनाें देश काे जलमार्ग, रेलमार्ग, राजमार्ग, हवाईमार्ग, उर्जा अाैर सञ्चार से जोड्ने की योजना समावेश है ।
वाङ ने कहा कि ‘चीन, नेपाल अाैर भारत स्वभाविक मित्र अाैर साझेदार हैं । हमें नदी अाैर हिमालय ने जाेडा है । इस तथ्य काे विश्व या तीन देश के भीतर काेई भी नहीं बदल सकता है ।
‘नेपाल काे अपने भौगोलिक अवस्था का फाइदा उठाते हुए विकास के लिए चीन अाैर भारत काे जाेडना हाेगा । चीन अाैर भारत के बीच के सहकार्य से स्वतः नेपाल काे लाभ हाेगा । इस बात का चीन अाैर भारत दाेनाें काे समर्थन करना हाेगा ।’
उन्हाेंने तिब्बत हाेते हुए नेपाल जोड्ने वाले रेलमार्ग निर्माणाधीन रहने की जानकारी भी दी ।
वाङ के साथ हुई मुलाकात में प्रधानमन्त्री केपी ओली के चीन भ्रमण के दौरान व्यापार अाैर परिवाहन सम्झौता के कार्यान्वयन के विषय में भी विचार विमर्श हुअा ।
ज्ञवाली ने कहा कि ‘व्यापार अाैर परिवाहन सम्झौता के प्रोटोकल ड्राफ्ट के लिए बातचीत काे तीव्रता देने अाैर इसे जल्दी ही तात्विक निश्कर्ष में ले जाने के विषय में भी सहमति हुई है । उनेहाेंने चीनी सहयाेग में हाेने वाले परियाेजनाअाें के कार्यान्वयन पर भी बातचीत हाेने की जानकारी दी ।
यहाँ, परराष्ट्र मन्त्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में नेपाल अाैर चीन जोड्ने रेलमार्ग के लिए केरुङ काठमाडौँ अाैर काठमाडौँ–पोखरा–लुम्बिनी रेलमार्ग की सम्भाव्यता अध्ययन अाैर डिपिआर तैयार करने के विषय में भी दाेनाें नेताअाें के बीच बातचीत हाेने की जानकारी दी गई है ।


