सतयुग में प्रवेश करता जनकपुर : अजय कुमार झा
जनकपुर , अजय कुमार झा | कभी श्रीराम के आगमन पर हर्षित हुए मिथिलावासी आज मोदी के आगमन पर उत्साहित दिख रहे हैं। कभी राम को अपना आदर्श मानकर हृदय न्योछावर करने वाले मिथिलावासी आज मोदी में अपना उत्कर्ष जान उनका हार्दिक अभिनन्दन कर हर्शोल्लषित दिख रहे हैं। राजा जनक के समय पर तत्वदर्शियों का समागम क्षेत्र के रुपमे प्रतिष्ठित जनकपुर आज मोदी के आगमन से पुनः धर्म, अध्यात्म और प्रज्ञार्थियों का कुम्भ में परिणत होने लगा है। मोदी के संग संग जनकपुर में एक एसा परिवर्तन जिसे देख खुद जनकपुरबासी अपने आँखों पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। रातोरात सड़क का ऐसा श्रृंगार जैसे कोई दुल्हन अभिअभि ब्यूटीपार्लर से सजधज के आई हो।
अभिनन्दन स्थल को परिणय मण्डप के रुपमे सजाया गया है। हजारों साधू सन्यासियों का समूह मोदी के स्वागत हेतु एक स्वर में प्रेम का शंखनाद करेंगे।105 प्राज्ञजन मोदी के स्वागत में एक स्वर में सुस्वास्थ्य और सुफल मनोरथ होहु तुम्हारे के लिए स्वस्ति वाचन करेंगे। सोलहो श्रृंगार से सुशोभित मिथिला की हजारों दिव्य कन्याएँ माथे पे अमृतमय स्वर्ण कलश, करों में दिव्य कमल पुष्प और हृदय में अक्षय अनुराग, और होठो पे मधुर मुस्कान लिए ‘स्वागत ! स्वागत !! हार्दिक स्वागत !!! आगत मोदी महान ! अहाँ के स्वागत अछि मेहमान!! हृदय से स्वागत अछि मेहमान!!!’ का मंत्रोच्चार से विशेष स्वागत करती हुई दिखाई देंगी। अपनी सांस्कृतिक पहिरन और भेष भूषा में गाव गाव, गली गली और घर घर से हृदय में प्रेम और उमंग लिए मोदी के स्वागत में उपस्थित दस लाख मिथिलावासी विश्व को स्वागत का परिभाषा सिखाते हुए चकाचौंध कर देंगे। यह विश्व का पहला नागरिक अभिनन्दन होगा जिसमे आम नागरिक स्वस्फूर्त रुप मे दस लाख से अधिक की संख्या में प्रिय मोदी जी के एतिहासिक सम्मान और अद्वितीय नागरिक अभिनन्दन में सहभागी हो रहे हैं। जनकपुर के आधुनिक जीवन शैली में चित्रित पौराणिक गाथाएँ और शहर की सडकों पर चित्रित मिथिला की महिमा मंडित करती हुई चित्रकलाएं कुछ पल के लिए स्वर्ग के सौन्दर्य को भी फीका करनेवाली सिद्ध होंगी। वे सौभाग्यशाली ही होंगे;जिन्हें इस चर्म चक्षु से यह दिव्य सौन्दर्य दर्शन का कल्ह सौभाग्य प्राप्त होगा। हर बालिकाओं में सीता का शील दिखाई देगा। सड़को पर विचरते सहज में ही तत्वदर्शी स्वेतकेतुओं का दर्शन लाभ होगा। तो गलियों में गार्गी और मैत्रेयियों का समूह जिनकी संगीतमय गालियाँ आप के हृदय को आनंद और आह्लाद से भर देंगी। यहाँ के हर चौक चौराहे पर चिंतामणि के रूप में (सत्यम ब्रूयात प्रियम ब्रूयात) वाणी के धनी चारुवाक मिल जाएंगे।
प्रियवर! हम जगत जननी माँ जानकी और इस दो नंबर प्रदेस के अधिष्ठात्री देवी से कामना करते हैं की मान्यवर मोदी जी की यह यात्रा पूर्णतः सुफल हो।





