प्रदेश नं. २ सरकार द्वारा मलेठ घटना छानबिन के लिए मन्त्रिस्तरीय समिति गठन

सप्तरी, २३ जुलाई । तत्कालीन नेकपा एमाले द्वारा शुरु मेची–महाकाली अभियान के दौरान वि.सं. २०७४ फाल्गुन २३ गते सप्तरी जिला स्थित मलेठ (औद्योगिक क्षेत्र) में तत्कालीन लोकतान्त्रिक मधेशी मोर्चा के कार्यकर्ता और मेची–महाकाली अभियान में संलग्न एमाले कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गया था । उक्त घटना और उसके बारे में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा हाल ही में सार्वजनिक प्रतिवेदन को लेकर विवाद हो रहा है । राष्ट्रीय जनता पार्टी (राजपा) नेपाल ने प्रतिवेदन अस्वीकार विरोध करते हुए आन्दोलनका घोषणा भी किया है । ऐसी ही अवस्था में प्रदेश नं. २ सरकार ने निर्णय किया है कि उक्त घटना के बारे में प्रदेश सरकार की ओर से छानबिन किया जाएगा ।
सोमबार सम्पन्न प्रदेश मन्त्रिपरिषद् बैठक ने घटना छानबिन के लिए मन्त्रिस्तरीय ३ सदस्यीय छानबिन समिति गठन किया है । आन्तरिक मामिला तथा कानून मन्त्री ज्ञानेन्द्र यादव के संयोजकत्व में समिति गठन किया गया है । समिति में सामाजिक विकास मन्त्री नवलकिशोर साह और भूमि व्यवस्था, कृषि तथा सहकारी मन्त्री शैलेन्द्र साह सदस्य हैं । साह द्वय सप्तरी जिला निवासी हैं । समिति में सदस्य सचिव के रुप में मुख्य न्यायाधिवक्ता कार्यालय के उपन्यायाधिवक्ता कृष्ण बराल को भी रखा गया है ।
समिति को १५ दिन के भीतर मलेठ घटना के संबंध में निष्पक्ष छानबिन कर मन्त्रिपरिषद् में प्रतिवेदन पेश करने के लिए कहा गया है । मलेठ घटना में स्थानीय संजन मेहता, वीरेन्द्र महतो, पिताम्बर मण्डल और प्रसवनी निवासी आनन्द साह और जमुनी मधेपुरा निवासी इनर यादव की जान गई थी ।

