340 कमरों से 4 कमरों में सिमट जाएंगी प्रतिभा पाटिल
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील 24 जुलाई के बाद 340 कमरों वाला राष्ट्रपति भवन छोड़कर दिल्ली में ही अपने चार कमरों वाले अस्थायी निवास में रहने के लिए चली जाएंगी।वह यहां करीब एक महीने रहने के बाद अपने पुणे स्थित रिटायरमेंट होम जाएंगी।
केंद्रीय लोक-निर्माण विभाग (CPWD) के एक अधिकारी ने बताया, ‘प्रतिभा पाटील को तुगलक लेन पर बंगला नम्बर-2 आवंटित किया गया है और वह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 25 जुलाई से पहले वहां चली जायेंगी।’
शहरी विकास मंत्रालय के अधीन आने वाला सीपीडब्ल्यूडी सराकरी निवासों और कार्यालय परिसरों के निर्माण और रख रखाव के लिए जिम्मेदार होता है। बंगले में अंतिम चरण का कार्य तेजी से चल रहा है। बंगला पेड़ों से घिरा हुआ है और उस पर सफेद रंग का पेंट किया गया है।
सीपीडब्ल्यूडी के एक अन्य अधिकारी ने अधिक जानकारी नहीं देते हुए बताया, ‘हमे बंगला तैयार करने में मुश्किल से 15 दिन का समय लगा और बंगला अब बिल्कुल तैयार है।हमने काम एक जुलाई को शुरू किया था, जो बहुत अच्छे से समाप्त हो गया।’ अधिकारियों के अनुसार सीपीडब्ल्यूडी को प्रतिभा पाटिल के लिए बंगला तैयार करने के लिए 27 जून को पत्र मिला था।
अधिकारी ने बताया, ‘हमने उनके आग्रह पर कुछ बदलाव किए हैं। हमने घर के एक कोने में छोटा सा पूजा घर बनाया है. कुछ सुरक्षा सुविधाएं भी बढ़ाई गई हैं।’ पाटील के पड़ोसियों में कांग्रेस महासचिव और लोकसभा सांसद राहुल गांधी भी शामिल हैं। इससे पहले यह बंगला योजना आयोग की सदस्य सचिव सुधा पिल्लै को दिया गया था।उन्होंने बंगला इस वर्ष की शुरुआत में अपने सेवानिवृत होने के बाद छोड़ दिया था।
पुणे में ‘रायगढ़े’ बंगले को पाटील के रिटायरमेंट होम के रूप में चुना गया है।नवीनीकरण कार्यों के लिए बंगला सीपीडब्ल्यू को हस्तांतरित करने की औपचारिकताएं चल रही हैं।इस प्रक्रिया में करीब एक माह का वक्त लगने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति पाटिल को विदाई देने के लिए संसद भवन के ऎतिहासिक केन्द्रीय कक्ष में सोमवार की शाम एक विशेष समारोह का आयोजन किया जाएगा।समारोह में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य और विपक्ष के अनेक वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे।

