अातंकवादियाें से कनेक्शन वाले खुर्शिद काे सरकार द्वारा शहीद घाेषित
काठमाडौँ ।
सुनसरी भुटाहा–५ के खुर्सिद आलम अन्सारी काे नेपाल सरकार ने शहीद घाेषणा किया है । यह वही खुर्शिद अालम है जिसके उपर अातंकवादियाें से साठगाँठ हाेने का अाराेप लगता अाया है ।

सन् २००८ में भारत के दिल्ली, गोरखपुर, फैजावाद, लखनउ, बनारस, जयपुर, अहमदावाद में हुए शृङ्खलाबद्ध बम विष्फोट में संलग्न आतंकवादियाें के साथ खुरशीद का कनेक्शन है यह बात लगभग साबित हाे चुकी है ।
प्रहरी स्रोत के अनुसार खुर्सिद द्वारा जिल्ला प्रशासन कार्यालय सुनसरी से दिलाए नागरिकता अाैर पासपोर्ट लेकर ये आतंकवादी दिल्ली गए थे ।

लम्बे समय तक शिक्षक के आवरण में आतंकवादियाें काे अपने घर में सुरक्षा देने की बात जब सामने अाई ताे भारतीय सुरक्षा निकाय ने खुर्सिद की सुपुर्दगी करने के लिए भारतीय दूतावास द्वारा नेपाल पक्ष से आग्रह किया था । पर सत्ता अाैर शक्ति के साथ हाेने के कारण उसकी सुपुर्दगी नही हुई । गुरुवार भारतीय शूटर के द्वारा गाेली मार कर खुर्शिद की हत्या की गई है ।
२०६६ साल मे सुनसरी जिला प्रशासन कार्यालय से डा. सहनवाज वादा साजिद ने सहनवाज मियाँ के नाम से नागरिकता ली थी । जिला प्रशासन कार्याल सुनसरी स्रोत के अनुसार अबु रसिद ने मोहम्मद अहमद हुसैन मियाँ के नाम से नागरिकता ली थी।
सलमान शेख ने मोहम्मद फहद अन्सारी के नाम से अाैर मोहम्मद खालिद ने इर्शाद आलम अन्सारी के नाम से नागरिकता लेने की जानकारी जिला प्रशासन कार्यालय सुनसरी स्रोत ने दी है । इस तरह दूसरे के नाम से लेने वाले के लिए पिता नरसिंहपुर के मोहम्मद समिम मियाँ बने थे । इर्शाद आलम अन्सारी अाैर फहद अन्सारी के पिता मिसर मियाँ बना था ।
मृतक खुर्सिद के रैयान नेसनल इंग्लिस बोर्डिङ स्कूल में कुछ दिन शिक्षक के रूप में काम करने के बाद वाे नागरिकता लेने में सफल हाे गए जिसमें खुर्शिद का पूरा सहयाेग था ।
अापराधिक प्रवृति के खुरशिद काे सरकार द्वारा शहीद घाेषित किया गया है जबकि भारत में हुए श्रृंखलाबद्ध विस्फाेट में जिनका हाथ था उससे उसके अाबद्ध हाेने की पुष्टि हाे चुकी है ।
स्राेत रातापाटी

