Thu. Apr 30th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

उच्चन्यायालय द्वारा बन्दी प्रत्यक्षिकरण रिट खारेज, गठबंधन के १३ कार्यकर्ता पुनः पुलिस हिरासत में

 

 

बिराटनगर, २७ सितम्बर २०१८, गुरुवार हिमालिनी डेस्क। नेपाल पुलिस द्वारा सुन्सरी और मोरंग से गिरफ्तार किए गए स्वतन्त्र मधेस गठबन्धन के १३ नेता-कार्यकर्ताओं के पक्ष में दायर की गई बन्दी प्रत्यक्षिकरण रिट को आज उच्च न्यायालय बिराटनगर ने खारेज कर दिया है। उच्च न्यायालय बिराटनगर मोरंग के ईजलास नं २ में सुन्सरी के मुद्दा ०७५ Wh००१३ , मोरंग ०७५ WH००१४ के बन्दी प्रत्यक्षिकरण रिट के संयुक्तइजलास से फैसला सुनाते हुये माननीय न्यायाधीश नागेन्द्र लाभ कर्ण और ऋषिराम दवाडी ने रिट खारेज करते सभी को पुनः पुलिस के हिरासत में अनुसंधान के लिए भेज दिया है।

यह भी पढें   सरकार नागरिकों को परेशान करने पर उतार आया हैः महामंत्री प्रदीप पौडेल

असोज ३ गते संविधान दिवस के दिन असंतुष्टि जनाने के लिए शान्तिपूर्ण बिरोध प्रदर्शन कर रहे गठबंधन के ३०० सौ से अधिक लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था जिसमें १३ लोगों के अलावा सभी को छोड़ दिया गया है। जिल्ला प्रहरी कार्यालय सुन्सरी के हिरासत में १. श्याम सुन्दर मंडल २. सिताराम पंडित ३. जय प्रकाश मधेसी और ४. भवानी मेहता

जिल्ला प्रहरी कार्यालय मोरंग के हिरासत में १. श्रीराम चौधरी २. नूर मोहम्मद ३. रमेश दास ४. कोशिला महतो ५. दशरथ मुखिया और ६. गणेश राउत चन्दन ईलाक प्रहरी कार्यालय रंगेली के हिरासत में १. शुसिल मंडल २. बुद्धि माझी ३. प्रवीण कुमार महतो है उन सभी लोगों पर पुलिस ने सार्वजनिक शान्ति बिरुद्ध का मुद्दा जिल्ला प्रशासन कार्यालय सुन्सरी और मोरंग में दायर कर के अनुसंधान कर रही है। उधर रुपन्देही से गिरफ्तार हुए स्वतन्त्र मधेस गठबन्धन के दो कार्यकर्ता १.सागर बर्मा और २.रामचरन यादव आज उच्च अदालत द्वारा बंदी प्रत्यक्षीकरण के मुद्दे पर आदेश देते हुए रिहा किये गए हैं।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *