Wed. Nov 4th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें himalini-sahitya

माँ तुमने ही उडा दिया अपनी साेन चिरैया काे : श्वेता दीप्ति

 

माँ कहती थीं
तुम मेरी साेन चिरैया हाे
किसी देश में एक राजा था
अाैर उसकी जान बसती थी उसके ताेते में
माँ कहती थीं
तुम मेरी साेन चिरैया हाे
अाैर मेरी जान बसती है
उसी राजा के ताेते की तरह तुम में ही
माँ कहती थीं
तेरे हाेठाें की हँसी
अाैर अाँखाें की चमक में
मैं जिन्दा हूँ
अाैर एक दिन
माँ तुमने ही उडा दिया
अपनी साेन चिरैया काे
अपने सुरक्षित अाँचल से निकाल
एक अन्जानी दिशा में।
माँ कहती थीं तुम मेरी साेन चिरैया हाे ।
माँ उडना चाहती थी तुम्हारी साेन चिरैया
अपने कमजाेर पंखाें के साथ
हवा से विपरीत दिशा में
क्याेंकि तुम्हारे सपने
तुम्हारी साेन चिरैया की अाँखाें में बसे थे ।
उसे सच करने की जिद थी उसकी
क्याेंकि तुम कहती थी
कि मैं तुम्हारी साेन चिरैया हूँ
जिसमें बसती है तुम्हारी जान ।
कई बार पंख टूटे
हाैसलाें ने साथ छाेडने की काेशिश भी की
पर तुम्हारी साेन चिरैया
तुम्हारे सपनाें में खुद काे जीती रही
अाैर अाज भी कायम है
बहती विपरीत धार में
क्याेंकि साथ है मेरे तुम्हारी छत्रछाया ।
माँ कहती थी तुम मेरी साेन चिरैया हाे
हाँ माँ मैं तुम्हारी साेन चिरैया हूँ
मैंने जिन्दा रखा है
अपने हाेठाें की हँसी
अाैर अाँखाें की चमक काे
क्याेंकि तम इसमें जिन्दा हाे
माँ कहती थी तुम मेरी साेन चिरैया हाे ।

दिनांक २४ नवम्बर २०१८ की संध्या में नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान एवं हिमालिनी हिन्दी मासिक पत्रिका के संयुक्त तत्वाधान में नेपाल भारत काव्यसंध्या का भव्य आयोजन किया गया जिसमें भारत से आए लगभग ४० साहित्यकारों ने शिरकत की । कार्यक्रम नेपाल प्रज्ञाप्रतिष्ठान कमलादी में आयोजित किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रतिष्ठान के कुलपति श्री गंगाप्रसाद उप्रेती ने की । कश्मीर से लेकर केरल, आसाम, बंगाल, झारखंड, बिहार, गुजरात से आए समस्त साहित्यकारों का सम्मान प्रतिष्ठान के कुलपति डा. गंगाप्रसाद उप्रेती ने अंगवस्त्र प्रदान कर किया । भारत से आए टोली प्रमुख डा.रामचन्द्र राय(हिन्दी प्रचार सभा शांतिनिकेतन पश्चिम बंगाल), वरिष्ठ साहित्यकार प्रा.डा. उषा जी उपाध्याय(अहमदाबाद), वरिष्ठ हिन्दी सेवी डा. वीणा बुडकी(कश्मीर), नेपालप्रज्ञा प्रतिष्ठान के सदस्य सचिव जगतप्रसाद उपाध्याय, कवि श्री वसन्त चौधरी (अध्यक्ष,साकम), हिमालिनी के प्रबन्ध निदेशक ई. सच्चिदानन्द मिश्र की गरिमामयी उपस्थिति थी | कार्यक्रम के महत्व पर हिमालिनी की सम्पादक डा.श्वेता दीप्ति ने प्रकाश डाला | तथा सफल संचालन श्री राजेन्द्र सलभ ने किया |

यह भी पढें   भारत नेपाल को कितनी आर्थिक सहायता देगा? क्या 2 अरब डॉलर के पैकेज के लिए हो रही है बालेन शाह की भारत यात्रा ?

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com