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सांसद् प्रदीप यादव को ओली ने दिया जवाफः संविधान संशोधन फैशन नहीं है

 

 

काठमांडू, १८ जनवरी । प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने कहा है कि संविधान संशोधन संबंधी विषय कोई भी फैशन नहीं है । शुक्रबार आयोजित संघीय संसद् बैठक को सम्बोधन करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने अपनी पुरानी ही प्रतिबद्धता ‘आवश्यकता और औचित्य के अनुसार संविधान में संशोधन’ को दुहराते हुए ऐसा कहा है । संघीय समाजवादी फोरम नेपाल के सांसद् प्रदीप यादव द्वारा उठाया गया संविधान संशोधन संबंधी सवाल में जवाफ देते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने ऐसा कहा है ।

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संसद् में बोलते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– ‘संविधान संशोधन उस वक्त होगी जिस वक्त इसकी आवश्यकता और औचित्य साबित हो । संविधान संशोधन फैशन नहीं है । यह आंख मूंद कर अस्वीकार करनेवाला विषय भी नहीं है ।’ प्रधानमन्त्री ओली का कहना है कि संविधान देश के लिए बनाया गया है, जब देश को आवश्यकता होगी, उस वक्त संशोधन की जाएगी । उन्होंने यह भी कहा कि संविधान कोई भी धर्मशास्त्र नहीं है, जिसमें परिवर्तन न हो सके ।

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प्रधानमन्त्री ओली ने यह भी कहा है कि आज कुछ दल ऐसे भी हैं, जो जनमत अपनी ओर आकर्षित करने के लिए संविधान में संशोधन की बात कर रहे हैं । प्रधानमन्त्री ओली ने आगे कहा– ‘जनता को अधिकार सम्पन्न बनाने के लिए, अवसर प्रदान करने के लिए, सुरक्षित, सम्मानित और भेदभावरहित जीवन जीने के लिए और विकास में योगदान प्राप्त करने के लिए संशोधन करनी चाहिए । जिस वक्त उपयुक्त होगा, आवश्यक होगा, औचित्य और अनिवार्यता दिखाई देगी, उस वक्त विचार–विमर्श कर संविधान में संशोधन की जाएगी ।’ समग्र में प्रधानमन्त्री ओली ने संकेत किया कि आज संविधान में संशोधन की आवश्यकता नहीं है ।

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