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बलिदानी दिवस-कहीं जोश तो कही आक्रोश : मनोज बनैता

मनोज बनैता, सिरहा, २० जनवरी । मधेस आन्दोलन के क्रम मे अपने जीवन की आहुती देनेवाले पाँच वीर शहीद की स्मृति मे ईसबार प्रदेश सरकार के तरफ से औपचारिक रुपमे मनाया गया । लहान स्थित पशुपति आदर्श मा.वि. के प्राङ्गण मे आयोजित बलिदानी दिवस मे आन्दोलन के क्रम मे शहादत प्राप्त किए २ नं. प्रदेशका आठ जिलेका ५८ शहीद परिवार को दोसल्ला और फूलमाला सहित सम्मान किया गया । संघीय सरकार के उपप्रधान, स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्री उपेन्द्र यादवके प्रमुख आतिथ्य मे सम्पन्न कार्यक्रम मे आन्दोलन मे शहादत प्राप्त ५८ परिवार के सदस्य को प्रदेश सरकार ने रोजगार देने की घोषणा की है ।

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कार्यक्रम मे हजारों की तादाद मे लोग जमा हुवे थे पर कुछ लोग जोश मे दिखे तो कुछ आक्रोस । प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित ईस कार्यक्रममे स्थानीय नेतागण को उपेक्षित किया गया था। कई युवा कार्यक्रम मे हुवे खर्च सार्वजनिक करनेको माग कर रहा है । नेकपा का युवा नेता बिजय गुप्ता कहते है कि “औरों को छोडो, मधेस आन्दोलन मे हमेसा अहम भुमिका अदा करनेवाले कृष्ण बहादुर यादव को भी नही बुलाया गया।” नेता गुप्ता आगे कहतें है कि हरबार आन्दोलन की बागडोर सम्भाला कृष्ण बहादुर यादव ने पर अभी आकर उनको ही किनारा लगाया गया । उनका दावा है कि ०६३/६४ के मधेस आन्दोलन के मध्यमे उपेन्द्र यादव का मधेसी नेता के रुप के राजनैतिक जन्म हुवा था । उसवक्त आन्दोलन का बागडोर कृष्ण बहादुर यादवके हाथ में था। संघीय समाजवादी फोरम के स्थानीय नेता भी ईस कार्यक्रम मे प्रदेश सरकार के रवैए से नाखुस है । पुर्व मन्त्री राजलाल यादव कहते है कि शहिदोंका सम्मान और सहयोग ठोस रुपसे किया जाए । ईसतरह से करार मे रोजगार देने से आखिर उनके भबिस्य कैसे सुनिश्चित होगा ? उनका ये कहना है कि सरकार शहीदों के नामपर स्कुलों कि स्थापना करें ।

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