देश स्विटजरलैंड बने न बने पर माहौल तो स्विसमय बन ही गया : बिम्मी शर्मा (व्यग्ंय)
बिम्मी शर्मा,वीरगंज ,२२जनवरी२०१९ | इस देश के नेता हमेशा से देश को स्विटजरलैंड बनाने की बात करते आए है । अब बात समझ में आ रहा है वह ऐसा क्यों कह रहे थे । उन के कहने का मतलब यह था कि देश की जनता स्विटजरलैंड के सपने देखने में मगन हो जाए और वह स्वीस बैंक में चुपके से अपना खाता खोल काला धन को सफेद बना ले । टैक्स चुरा कर पैसे बचाने वालों के लिए स्विटजरलैंड का यह बैंक स्वर्ग है ही । और हमारे नेता जिदां में ही स्वर्गवासी होना चाहते हैं । ईसी लिए स्वीस घडी पहन कर और स्वीस चकलेट खाते हुए स्वीस बैंक में खाता खोल कर देश और जनता की आखों में धूल झोंकते हैं ।
स्वीस चकलेट तो एकाध बार खा भी लिया होगा पर ईस देश की बहू संख्यक अवाम के हाथों में स्वीस घडी बांधने का सौभाग्य अभी भी नहीं मिल पाया है । पर देश के बडे नेता कितने भाग्यशाली हैं कि उन्हे नेपाल में बैठ कर स्वीस बैंक में खाता खोलने और गुपचुप तरीके से पैसा जमा करने का मौका मिल रहा है । स्विस बैंक के नेपाली दलाल देश की राजधानी में सक्रिय जो हैं । जिस का स्वदेश में खाता है वह तो बेचारा गरीब और निठल्ला है । और जिसका स्वीस या अन्य बैंकों मे खाता है वह धनाढय होने के साथ ही समाज में प्रतिष्ठित भी है । और वही नेता और मंत्री बन कर देश को और ज्यादा लूट कर अपने स्विस एकाउंट को मालामाल करता है और देश का नाम रोशन करता है ।
यह देश धन्य है जो चोर और डाकुओं को भी शीर मे बिठाता है । सिर्फ बिठाता ही नहीं कि निर्वाचन में उम्मीदवार बना कर भी पेश करता है और मूर्ख जनता उसी उम्मीदवारको वोटों से लवरेज भी कर देती है । मूठ्ठीभर जनता या राजनैतिक दल के लगूंरो को ईस के बदले में स्विस चकलेट खाने और स्विस घडी पहनने को जो मिल जाती है । पंचायती व्यवस्था में महारानी ऐश्वर्या का पम्फा देवी के नाम से करोडों रुपयां स्विस खाते मे जमा था । तब सभी उन को कोसते और गालियां देते थे । अब वह तो स्वर्ग सिधार गई और उन का जीन बहुतों के शरीर में घुस गया और प्रजातंत्र और लोकतंत्र में इस जीन ने तहलका मचा दिया । फल स्वरुप घिसा हुआ चप्पल पहन कर सिंह दरवार और संसद भवन में प्रवेश करने वाले रातोंरात मालामाल हो कर स्विस बैंक में खाताधारी बन गए ।
पडोसी देश भारत में बोफोर्स कांड और स्विस बैंक में खाते के चलते बहुत से नेताओं की नींद हराम कर दिया था और उनका राजनैतिक कैरियर ग्राफ शेयर बजार की तरह लुढक कर नीचे आ गया था । पर नेपाल में तो उल्टा होता है । जो जितना बदनाम और भ्रष्ट वह उतना उतना ही सम्मानित हो कर बडे पद में आसिन हो जाता है । निर्मला पंत का बलात्कार और हत्याकांड और वाईड बडी हवाई जहाज की खरीद में हुए करोंडों रुपएं के घोटाले मे आखं मूंद कर डाक्टर गोविदं केसी के अनशन का विरोध ऐसे कर रहे हैं नेकपा एमाले के लगूंर जैसे कि डा. केसी ईस देश के सब से बडे तानाशाह हो और उनका विरोध करना लाजिमी है । जो ईंसान अपना सुख और स्वार्थ छोड कर देश और जनता के स्वास्थ्य के बृहत्तर हित के लिए बारबार अनशन बैठ कर अपना शरीर गला रहा है । उसे भी पार्टी के लगूंर बदनाम करने और किसी पार्टी विशेष का ठप्पा लगा कर विरोध करते है तो समझ लिजिए ईस देश में अच्छाई की मौत हो चूकी है और बुराई के पदचिन्हो पर चलने के लिए सब तैयार बैठें हैं ।
ईधर स्विस बैंक में बहुत से नेपालियों का खाता होने का समाचार बाहर आया और हमारे देश के पी.एम. हवा प्रसाद ओली हवा से भी तेज गति से स्विटरजरलैंड की तरफ फुर्र से उड गए । शायद अपने रहनुमाओ, आकाओं और लगूंरो का भविष्य कहीं स्विस खाते के चलते संकट में न पड जाए । ईसी लिए डरते हुए अफरा तफरी मे चले गए उन के खातों नकाब डालने । भले ही चेहरा और नाम नकाब विहीन हो गया हो । अगर पैसा हो तो चेहरे को ढकने के लिए नकाब दुसरा भी खरीदा जा सकता है । दो तिहाई के बहूमत से बनी हुई सरकार है चाहे जो कर सकती है । दो तिहाई के बहूमत से बदनाम को फिर से गुणवान और नामवान बनाया जा सकता है । बेलायती संसद की तरह यह सरकार मर्द को औरत और औरत को मर्द बनाने के अलावा चाहे जो कर सकती हैं अपने दो तिहाई बहूमत के दम से । दम से ही दभं होता है और यह दभं ही एकदिन बेदम कर देता है । यहां सब उल्टी खोपडी के हैं । ईसी लिए स्विस बैंक में खाता होना गर्व की बात समझ रहे हैं । क्यों कि देश में कमाया हुआ काला धन स्विस खाते में छूपा कर जो रखा है । और यह देश में अप्रवासी नेपालियों के माध्यम से सफेद धन बन कर स्वदेश में ही लौटता है और नेता लोग ईसी धन से फिर से ऐश करते है । यह पुराने और कबाड प्लास्टिक को रिसाईक्लिगं कर के फिर से नयां बनाने के प्रोसेस जैसा ही है । देश कुछ दिनों सें स्वीस मय हो गया है । जैसे स्विस खाते में पैसा और उसके रखवाले के बारें मे लोग बात करनें में ईतनी उत्सुकता दिखा रहे हैं कि जैसे कोई छोटा बच्चा नयां चीज देख या सुन कर उत्साहित हो जाता है । स्विस बैंक मे खाता होना या उस में पैसा होना नेपालियों के सोच के अनुसार बडे रसुख कि बात है । गुजर बसर करने कि जिन को किल्लत हैं उस को स्विस बैंक या खाता किस चिडीया का नाम हैं पता भी नहीं होगा । पर जो थोडे या ज्यादा सम्पन्न है वह ईष्र्यावश स्विस खाताधारी नेताओं कि बखिया उधेड रहे हैं । सौ बात कि एक बात यह है कि स्विस बैंक में खाता होने का मतलब देश में “समृद्धि” प्रवेश कर चुकी है और उस का जी जान से स्वागत किजिए क्या पता आप भी स्विस खाताधारी हो जाएं । भले ही यह देश स्विटजरलैंड बने या न बने पर ईस देश के वासी और माहौल तो स्विसमय हो ही गया है ।

