मेरी सफलता में मेरी मेहनत और ईमानदारी है : रुपेश पाण्डेय

कपडा व्यवसायियाें में रुपेश पाण्डेय का जानामाना नाम है । पिता बृजमाेहन पाण्डेय और माता लीलावती के संतान रुपेश पाण्डेय ने बीरगंज से बैचलर किया था ।उसके बाद ही माता पिता उन्हेंशिक्षण पेशा के साथ जाेडना चाहते थे । पर रुपेश पाण्डेय का मन शिक्षण की और नही बल्कि व्यवसाय की ओर था क्याेंकि शिक्षण पेशा के वेतन से वाे संतुष्ट नहीं थे । इसी दाैरान उन्हें बीरगंज के एक व्यवसायी मित्र ने व्यापार की ओर ध्यान देने काे कहा ।
उसके बाद रुपेश भारत से साडी, कुरता, लंहगा आदि लाकर बीरगंज में बेचने लगे इसी के साथ उन्हाेंने पाेखरा धरान हेटाैडा आदि जगहाें के व्यापारियाें से सम्पर्क किया और अपने व्यवसाय काे बढाना शुरु किया । इसी समय उनका ध्यान काठ और जमीन आदि के बिजनेश की ओर भी गया किन्तु तत्काल ही उन्हाेंने उधर से अपना ध्यान हटाया और कपडे के व्यवसाय में ही अपना पूरा ध्यान देना शुरु किया ।
काठमान्डाै ने उन्हें स्वीकार किया और उनके कपडाें काे यहाँ जगह मिली । माँग बढी और तब उन्हाेंने न्युराेड में अपना आउटलेट खाेलने की साेची और जय अम्बे शाेरुम खाेला । उसके बाद चावहिल, मैतीदेबी, शंखमुल आदि जगहाें पर आउटलेट खोला। वर्तमान में उनके द्वारा लाए गए कुरता साडी लंहगा ने काठमान्डाै का ६० प्रतिशत बाजार ने ले लिया है । हाेलसेल और रिटेल दाेनाें हाेने बावजूद अापका ध्यान हाेलसेल पर ज्यादा है । बाजार के बदलते मूड काे पाण्डेय ने भाँपा और उन्हें लगा कि लाेग ब्रान्डेड पर ज्यादा ध्यान देते हैं । ग्राहक की पसन्द का खयाल करते हुए उन्हाेंने अन्तर्राष्ट्रीय ब्राण्ड का कपडा नेपाल मागवाना शुरु किया ।।
शुरुबती दाैर में २०६४ साल में युरोपियन ब्राण्ड सेलियो नेपाल लेकर आए। सेलियो ब्राण्ड के बाद में पाण्डे एसिया के कन्ट्री मैनेजर भी बने।
सेलियो ब्राण्ड फ्रान्स में सबसे अधिक चलने वाला ब्राण्ड है ।
उसके बाद जूता, चप्पल बैग का द मिलान इटालियन ब्राण्ड नेपाल लाने का काम भी उन्हाेंने किया । दरबारमार्ग में शो रुम खोला ।
महिलाओं के लिए डब्लु ओरेलिया ब्राण्ड भी नेपाल लाने का श्रेय भी उन्हें ही जाता है। महिलाओं की यह पहली पसन्द मानी जाती है । इन तीनाें ब्रान्ड के बाद उन्हाेंने इन्डियन टेरियन ब्राण्ड का शोरुम लविम माल में खाेला।
सर्ट पैंट के शो रुम इन्डियन टेरियन के बाद लविम माल में ही आदित्य विरला समूह के साथ मिलकर लुइस फिलिप ब्राण्ड नेपाल लेकर आए इसके साथ ही क्रमश डेल जिन्स, हाइप्रोफाइल सुट का कपडा के लिए जोस ए ब्याङक भी लेकर आए । उनका मानना है कि आज के उपभाेक्ता अच्छा ब्रान्ड खाेजते हैं नकली सामान का बाजार नही है यह बेचना भी मुश्किल है। बावजूद इसके नकली सामान भी बाजार में है जिसके कारण कठिनाई आती है । वाे मानते हैं कि इस बात की वजह से नेपाल डम्पिङ साइट बन रहा है । परन्तु वाे इस बात से खुश हैं कि सरकार इस मामले में सजग हाे रही है जिसके कारण से नकली सामान पर प्रतिबन्ध लग रहा है । आजकल राजस्व अनुसन्धान विभाग किसी भी ब्राण्डेड सामान नेपाल लाने पर ओरजिनल सर्टिफिकेट माँग रहा है। साथ ही विभाग सामान लाने के लिए रकम भेजने की प्रक्रिया पर भी ध्यान दे रहा है। अगर यही स्थिति रही ताे नकली सामान लाा कठिन हाेगा ।
वीरगञ्ज से ५ हजार रुपया से ब्यापार शुरु करने वाले पाण्डे का अभी काठमाडौं उपत्यका में २१ से अधिक ब्राण्डेड कपडा, जूता बैग आदि के शो रुम हैं। आपने इस मकाम की उम्मीद नही की थी पर आपका मानना है कि इस स्थान पर उन्हें उनकी ईमानदारी और मेहनत ने पहुँचाया है । अब तक २१ ब्रान्ड आप ला चुके हैं आगे भी अन्तरराष्ट्रीय ब्रान्ड नेपाल लाने की आपकी याेजना है ।
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