राजपा निराश, फोरम आशावादी : दोनों सरकार छोड़ने की तैयारी में
काठमांडू – संविधान संशोधन की मांग करते आए हुये मधेसकेन्द्रित दो राजनीतिक दल राष्ट्रिय जनता पार्टी (राजपा) नेपाल और संघीय समाजवादी फोरम नेपाल ने सरकार के साथ की एक वर्षीय सहयात्रा में सिर्फ आश्वासन ही मिलपाने की शिकायत की है ।
नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) अध्यक्ष केपी ओली नेतृत्व में सरकार बनी हुई एक वर्ष हो गयी है परन्तु इतने समय में बार बार आश्वासन पाकर भी मांग पूर्ण नहीं हो पाया है । ओली नेतृत्व की सरकार दो तिहाई का गणपूरक संख्या पहुंचाने के लिये गत वर्ष संविधान संशोधन लगायत मांग रखते हुये समर्थन राजपा और फोरम ने किया था पर एक वर्ष में भी उनलोगों की मांग में उपलब्धि नहीं हुयी है । ‘एक वर्ष में हमलोगों ने सरकार से सिर्फ आश्वासन ही पाये हैं’, राजपा अध्यक्षमण्डल का सदस्य राजेन्द्र महतो ने कहा, ‘आज-कल करेंगे बोल रही पर कुछ नहीं करेगी । एक वर्ष की अवधि बातचीत में ही गयी ।
राजनीतिक विश्लेषक चन्द्रकिशोर ने कहा, सरकार को समर्थन करने के फलश्वरुप फोरम सरकार में गयी है । इसी प्रकार सरकार का समर्थन करने के कारण राजपा का कैलाली क्षेत्र नम्बर १ से निर्र्वा्चित सांसद रेशम चौधरी ने शपथ ग्रहण कर पाया । यद्यपि चौधरी अभी भी कारागार में है । राजपा और फोरम इसी को ही उपलब्धि माने तो भी मधेस की जनता ने कहती है कुछ भी नहीं पाया है । ‘संविधान प्रति असन्तुष्टहोते हुये भी फोरम का अध्यक्ष उपप्रधानमन्त्री बने हुये हैं । और राजपा ने अपने निर्वा्चित प्रतिनिधि को शपथ ग्रहण करा पाया, , ‘फोरम और राजपा तो सन्तुष्ट ही होगा । इसलिये तो सरकार में बैठा है । । पर आम जनमानस में कुछ उपलब्धि नहीं हुआ है, जनता असन्तुष्ट है ।’
राजनीतिक विश्लेषक के अनुसार उपलब्धि शून्य हुआ है यह तो मधेस का नेता भी स्वीकार कर रहा है । संविधान निर्माण के बाद तत्कालीन एमाले तथा अध्यक्ष ओली के साथ मधेस का राजनीतिक दल असन्तुष्ट थे । पर ओली नेतृत्व की सरकार बनने के बाद ओली तथा मधेसकेन्द्रित दलों के बीच सम्बन्ध सुधार का काम हुआ है ।
महतो ने कहा, हमलोग सरकार को बार बार समय दिये हैं पर सरकार ने कुछ भी नहीं की ह,ै अब समर्थन वापस लेने के लिये हम बाध्य हो जायेंगे ।
राजपा तो निराश है पर फोरम अभी भी संविधान संसोधन के लिये आशावादी है । फोरम उपाध्थक्ष रकम चेम्जोंग ने कहा, अगर सरकार ने संविधान संसोधन करने की बात नहीं की तो हम सरकार से बाहर होने की तैयारी कर चुके हैं ।

