‘वीनस ऑफ इंडियन स्क्रीन’ मधुबाला की आज है ५० वीं पुण्यतिथि

परदे पर बेमिसाल अभिनय और खूबसूरती के अप्रतिम प्रतिमान गढ़ने वाली अद्भुत ‘सौंदर्य की मल्लिका’ मधुबाला अपनी फिल्मों में जिस जिंदादिली से हंसती थी, उसके विपरीत उनकी असल जिंदगी उतने ही दर्द से भरी हुई थी। सख्ती, रिश्तों की बेड़ियां, अधूरी प्रेम कहानी ने उन्हें जिंदगी तो जीने ही नहीं दी, मौत के शिकंजे में भी धकेल दिया। मधुबाला 9 साल की उम्र में फिल्मों में आ गई थीं। 1949 में उन्होंने अपना नाम मुमताज से बदल कर मधुबाला रखा। 36 साल की उम्र में ही दुनिया छोड़ थी। उनकी डेथ एनिवर्सरी पर उनकी जिंदगी के कुछ और अनजाने पहलुओं पर एक नजर।
मधुबाला के पिता की अत्यधिक सख्ती ने उनकी जिंदगी की खुशियां बर्बाद कर दीं। वो रोजाना फिल्म सेट पर उनके साथ जाते थे। काम के बाद उन्हें सीधे घर ले जाते। यही उनकी दिनचर्या थी। अनजान लोगों से उन्हें दूर रखा जाता था। कोई मिलने आता तो उस पर कड़ी निगरानी रखी जाती। जब उन्हें दिलीप कुमार से प्यार हुआ तब भी उनके पिता ही रोड़ा बन गए। इस सख्ती से उपजी परेशानी और सच्चे प्यार की तलाश में वह एक के बाद एक विनाशकारी संबंधों का शिकार बनती चली गईं।
1950 में ही उनके हार्ट पेशेंट होने का पता चल चुका था, लेकिन इसे छिपाया गया। फिल्मों के सेट पर हालत खराब होने लगी। डॉक्टरों ने सर्जरी के लिए मना कर दिया कहा कि उनकी लाइफ का मात्र एक वर्षशेष है, लेकिन विल पॉवर के दम पर वह 9 साल जिंदा रहीं। सौंदर्य के चर्चे पूरे विश्व में अमेरिका की मंथली मैग्जीन ‘थियेटर आर्ट्स’ ने उनके सौंदर्य से प्रभावित होकर एक बार उनको ‘दुनिया का सबसे बड़ा सितारा’ बता दिया था। फिल्म पत्रकार बीके करंजिया ने लिखा था कि- उनकी कोई भी फोटो उनकी ब्यूटी को ठीक से नहीं दिखा पाती। उन्हें ‘वीनस ऑफ इंडियन स्क्रीन’ भी कहा जाता है ।
स्कूल तो जा नहीं पाई थीं, लेकिन उनकी सीखने की ललक जबरदस्त थी। इसी की बदौलत 17 वर्ष की आयुतक उन्होंने धाराप्रवाह अंग्रेजी सीख ली थी। 12 वर्ष की आयु में ही गाड़ी चलाना सीख लिया।

