डा. राणा की तलाश बेहतरीन अल्फाजों का मजमुआ है : वसन्त चौधरी
डा कृष्णजंग राणा रचित हिन्दी गजल संग्रह तलाश का आज हिमालिनी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में लोकार्पण किया गया । डा. राणा द्वारा रचित तलाश उनकी नौवीं गजल संग्रह है । तलाश डा. कृष्णचन्द्र मिश्र पब्लिकेशन प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई है । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के गरिमामय पद पर जानेमाने गजलगो और उद्योगपति श्री वसंत चौधरी जी की उपस्थिति थी । विशिष्ट अतिथि के पद को नेपाली साहित्य के जाने माने कवि श्र िकालीप्रसाद रिजाल ने शोभायमान किया । अन्य गणमान्य अतिथियों में भारतीय दूतावास के श्री रघुवीर शर्मा, हिन्दी साहित्य के वरिष्ठ साहित्यकार डा. रामदयाल राकेश, हिमालिनी की वरिष्ठ सलाहकार श्रीमती पुष्पा ठाकुर, उर्दु अकादमी के अध्यक्ष इम्तियाज वफा, हिमालिनी की संपादक डा श्वेता दीप्ति एवं नेपाली कविता एवं गजल क्षेत्र की शांति शर्मा के साथ ही सभागार में विभिन्न क्षेत्र से पधारे अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति थी । कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमालिनी के प्रबन्ध निदेशक और अध्यक्ष ईं. सच्चिदानन्द मिश्र ने की । डा. राणा ने अपनी गजलों का सुमधुर वाचन किया और एक खूबसूरत शमा बाँध दिया पुस्तक की समीक्षा डा. श्वेता दीप्ति तथा जनाब इम्तियाज वफा द्वारा की गई ।
शाँति शर्मा ने अपनी सुमधुर आवाज में डा. राणा की गजल को प्रस्तुत किया । मुख्य अतिथि श्री वसन्त चौधरी ने कहा कि तलाश गजल संग्रह अच्छे शेर सहज भाव, स्पष्ट भाषा और उपयुक्त छंद के सम्मिलन का है । भावनाओं से पूर्ण अनगिनत शेरों का खजाना है तलाश जिसे पढ़ना निःसन्देह दिल को सुकून देगा । तलाश उनके द्वारा रचित बेहतरीन अलफाजों का सुन्दर गुँचा या मजमुआँ है । आपके लिए जो कहूँ कम होगा । डा. राणा सेहतमन्द रहें और यूँ ही इनकी लेखनी अनवरत साहित्य जगत को समृद्ध करती रहें यही दिली इच्छा और ऊपर वाले से दुआ है हमारी । सभी वक्ताओं ने डा. राणा की सुस्वास्थ्य की कामना के साथ है उनकी रचनाशीलता की अनवरत यात्रा की निरन्तरता की कामना की । कार्यक्रम का समापन अध्यक्षीय मंतव्य के साथ हुआ । कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रसिद्ध गजलकार श्री सनत वस्ती जी ने किया जिन्होंने संचालन के साथ ही अपनी मधुर आवाज में डा. राणा की कई गजलों का वाचन भी किया ।
















