सरकार की प्राथमिकता लोक कल्याणकारी राज्य : प्रधानमन्त्री

प्रधानमंत्री डॉ. बाबूराम भट्टराई ने कहा है कि जबतक सङ्घीयता, राज्य पुनःसंरचना, शासकीयस्वरूप, धर्म निरपेक्षता और समानुपातिक निर्वाचन प्रणाली को सम्बोधन करके संविधान नही बनाया जाता तबतक राष्ट्रिय एकता और लोकतन्त्र संस्थागत नही हो सकता ।
रविवार को अटॉर्नी जनरल के कार्यालय के निरीक्षण के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनहोने लोककल्याणकारी राज्य को उच्च प्राथमिकता मे रखा है ।
इसी तरह, उन्होंने कहा कि कोई भी कानून का उपयोग सौदेबाजी के रूप में नही होना चहिये क्योंकि देश का विकास कानून के सही कार्यान्वयन द्वारा ही संभव होता है तथा सभी नीतियों और निर्णयों को कानून द्वारा निर्देशित किया जाता है ।
इस अवसर पर, अटॉर्नी जनरल मुक्ति नारायण प्रधान ने कहा कि अनुसंधान और आपराधिक मामलों से संबंधित मुद्दों पर जांच को ठोस बनाया जाना चाहिए । आपराधिक मामलों को व्यवस्थित जांच करने के लिए अच्छी तरह से सुसज्जित प्रयोगशाला, कुशल मानव संसाधन, सुरक्षा कर्मियों और विशेषज्ञों को प्रदान की जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि अटॉर्नी जनरल के कार्यालय सिविल सेवा से अलग होना चहिये।
इसके अलावा कार्यक्रम में बोल रहे, डिप्टी अटॉर्नी जनरल सूर्य प्रसाद कोइराला ने भी अपराध जांच समन्वय समिति के गठन के लिए प्रभावी ढंग से काम करने पर जोर दिया और आपराधिक मामलों में जांच शुल्क शुरू की जरूरत बताया ।

