प्रदेश नं. २ सरकार पत्रकारों के प्रति अनुदार ! हो सकती है– १ करोड तक जुरवाना !
जनकपुरधाम, १७ मई । केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तुत मीडिया काउन्सिल विधेयक के विरुद्ध सम्पूर्ण पत्रकार आन्दोलनरत हैं । विधेयक में व्यवस्था की गई संचार नियन्त्रित नीति और पत्रकार तथा संचारगृह के ऊपर होनेवाला सम्भावित जुरवाना प्रति पत्रकार असन्तुष्ट हैं । ऐसी ही पृष्ठभूमि में प्रदेश नं. २ सरकार ने भी एक अलग ही संचार नीति बनाया, जहां पत्रकारों को १ करोड तक की जुरवाना संबंधी व्यवस्था की गई है ।
आन्तरिक मामिला तथा कानून मन्त्री ज्ञानेन्द्र यादव द्वारा बिहीबार प्रदेशसभा में प्रस्तुत संचार संबंधी विधेयक में उल्लेख है कि पत्रकारों की गलती ठहर होने के बाद उसको अधिक से अधिक जुरवाना की जाएगी । विधेयक में लिखा गया है कि प्रदेश की सार्वभौम सत्ता, भौगोलिक अखण्डता एवं राष्ट्रीयता के विरुद्ध लिखनेवाले पत्रकार अगर दोषी प्रमाणित हो जाते हैं तो उससे ५० लाख से १ करोड तक जुरवाना स्वरुप ली जाएगी ।
इसीतरह विधेयक में लिखा गया है कि संघीय ईकाई के बीच रहे संबंध के विरुद्ध लिखनेवाले, विभिन्न जाजाति तथा धर्म, सम्प्रदाय के विरुद्ध लिखनेवाले को ५ लाख तक जुरवाना की जा सकती है । इसीतरह पत्रकारों कारण अगर किसी व्यक्ति की मान–प्रतिष्ठा में आंच आएगी तो ३ लाख से १० लाख रुपैयां तक पत्रकारों से वसूल की जाएगी है ।

