हिन्दी फिल्म पर रोक के विरुद्ध उतरे फिल्मनिर्माता तथा कलाकार
काठमाडू, २ अकटूबर । नेपाल के सिनेमा निर्माता तथा कलाकारगण हिन्दी सिनेमा के प्रदर्शन पर लगे रोक के विरुद्ध नेकपा-माओवादी के खिलाफ अपना मनसाय व्यक्त किय है। वक्तओं ने भारतीय सिनेमा क विरोध नेकपा – माओवादी का सत्ता मे पहुंचने का चाल करार दिया है । रिपोर्टर्स क्लब के अध्यक्ष ऋषि धमला के सभापतित्व मे हुये साक्षात्कार कार्यक्रम मे चलचित्र निर्माता, निर्देशक एवम कलाकार अशोक शर्माले ने कहा कि नेपाली चलचित्र क विकास किसी भी चलचित्र पर प्रतिबन्ध लगाने से नही वल्कि प्रतिष्पर्घा से संभव है इसलिये वे प्रतिबन्ध के विपक्ष मे हैं। उन्होने कहा कि नेकपा-माओवादी का यह आन्दोलन सत्ता मे पहुंचने का चालबाजी मात्र है।’ शर्मा ने कहा कि ग्लोबलाइजेसन के जमने मे हिन्दी सिनेमा पर रोक लगाकर नेपाली चलचित्र का विकास कदापि संभव नही है।
नेपाल चलचित्र कलाकार संघ के सचिव घनश्याम खतिवडा ने कहा कि हिन्दी सिनेमा पर प्रतिबन्ध राजनीति अभिष्ट को पूरा करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होने कहा कि प्रतिष्पर्घाविहीन बनाकर नेपाली चलचित्र उदोग को समाप्त करने का यह एक षड्यन्त्र है।
नेपाल चलचित्र संघ के महासचिव प्रदिप उदयल ने कहा कि विदेशी चलचित्र पर रोक लगाकर नेपाली चलचित्र का विकास होगा ऍसा सोचाइ केवल दिवास्वप्न है।उन्होने कहा कि नेपाली चलचित्र को विश्वब्यापीकरण करने के बदले विदेशी चलचित्र को नेपाल मे रोक लगाकर बजार विस्तार नही हो सकता तथा इस समय विदेशी चलचित्र को रोक देना सूर्य को हाथ से ढ्कना समान है।
चलचित्र निर्माता एवम निर्देशक उद्दव पौडेल ने कहा कि सरकार नीति बनाकर नेपाली सिनेमा को संरक्षण दे सकती है , प्रतिबन्ध लगाकर नेपाली सिनेमा का संरक्षण नही हो सकता। माओवादी ने गृहकार्य किये वेगैर अदुदर्शी आन्दोलन का घोषणा किया है जिससे कि राजनीतिक अभिष्ट कभी पुरा नही हो सकता।महेन्द्र राजमार्ग से दक्षिण के (तराई) के सभी हल मे निर्वाधरुप से हिन्दी सिनेमा चलरहा है इससे यह स्प्स्ट हो रहा है कि माओवादीयों ने नेपाल को दो भाग मे विभाजित कर दिया है। उन्होने कह कि कल्ह अगर प्रादेशिक भाषा की बात उठती है तब नेपाली चलचित्र का भविष्य ही संकट मे पर सकता है। नायिका ऋचा शर्मा ने कहा कि प्रतिबन्ध बद्ला प्रतिष्पर्घा जरुरी है।
हिन्दी सिनेमा पर रोक के विरुद्ध सरकार कडा रुप मे प्रस्तुत होगी ।
सूचना तथा सञ्चारमन्त्री राजकिशोर यादव ने कहा कि नेकपा-माओवादी ने हिन्दी चलचित्र के प्रर्दशन पर जो रोक लगाया है उस्के विरुद्ध सरकार कडा रुप मे प्रस्तुत होगी।
सञ्चारमन्त्री यादव ने कहा ‘माओवादी ने सरकार का ध्यान आर्कषित कराने के लिये आन्दोलन किया है’, – ‘हामारा ध्यान आर्कषित होगया अब बार्ता मे आइये।’ चलचित्र समाज के रुपान्तरण का माध्यम है इसे किसी भी भाषा और देश से जोडकर नही देखा जा सकता। ‘उन्होने चेतावनी दिया कि इस तरह का अन्ध राष्ट्रबाद से विकास और सामाजिक रुपान्तरण रुक सकता है’।


