Tue. Feb 25th, 2020

जीत के जश्न के बीच बड़ों का सम्मान करना नहीं भूले मोदी

 

जीत के जश्न के बीच भी मोदी अपने राजनीतिक गुरु का सम्मान करना नही भूले . विपक्ष के तमाम आरोपों और राहुल गाँधी वाहियात  टिप्पणी  जिसमें उन्होंने कहा था की मोदी हिन्दू धर्म की बात करते हैं पर उन्हें तो बड़ों का सम्मान करना नही आता .भाजपा की बंपर जीत। अकेले भाजपा 300 सीटों के पार, एनडीए 350 के पार। जीत का शानदार जश्न। जश्न के बीच बड़े-बुजुर्गों का सम्मान। जी हां, यहां बात हो रही है पीएम मोदी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह पहले पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की और फिर पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी से मुलाकात की। यह दिखाता है कि नरेंद्र मोदी दिल में अपने बड़े-बुजुर्गों के लिए क्या स्थान रखते हैं।

जीत के बाद शुक्रवार सुबह-सुबह वह अपने राजनीतिक गुरु लालकृष्ण आडवाणी से मिलने पहुंचे। यहां पहुंचकर पीएम मोदी ने आडवाणी का आदर सत्कार किया। उन्होंने कहा, भाजपा को आज जो सफलता मिली है वह आडवाणी जी जैसे महान नेताओं की दशकों तक की गई मेहनत है। इन नेताओं ने अपनी मेहनत और नए-नए विचारों से पार्टी को खड़ा किया।

चुनाव से ठीक पहले खबर आयी थी कि भाजपा के वयोवृद्ध नेता मुरली मनोहर जोशी नाराज हैं। बताया जा रहा था कि पार्टी उन्हें टिकट नहीं देना चाहती हैं। खबर यह भी आयी कि जोशी ने साफ कर दिया कि पार्टी घोषणा कर दे कि उन्हें टिकट नहीं दिया जा रहा है। वे चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा नहीं करेंगे। मुरली मनोहर जोशी की नाराजगी की खबरें सुर्खियां बनीं थीं। इन खबरों को भी PM Modi ने जीत के बाद धता बता दिया। आडवाणी से मुलाकात के बाद नरेंद्र मोदी ने मुरली मनोहर जोशी से भी मुलाकात की।

जब पीएम मोदी उनसे मिलने पहुंचे तो डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने खुशी-खुशी उन्हें गले लगाया। मुरली मनोहर जोशी के संबंध में पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत में शिक्षा के क्षेत्र में उनका काम सराहनीय है। उन्होंने हमेशा भाजपा और पार्टी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया, जिनमें मैं भी शामिल हूं। आज सुबह उनसे मुलाकात हुई और उनका आशीर्वाद लिया।’

Loading...

 
आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: