Fri. Sep 11th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

“बेटी पढाउ, बेटी बचाउ” के बदले “बेटी बचाउ, बेटी पढाउ” होना चाहिए, अन्तरक्रिया में महिलाओं द्वारा सुझाऊ

 

मुकेश झा, जनकपुरधाम,२५ मई | प्रदेश नम्बर २ के मुख्यमंत्री द्वारा चलाये जा रहे ” बेटी पढाउ, बेटी बचाउ ” अभियान के धरातल पर अस्तित्व हीन है। मधेस आंदोलनकारी समूह, २०६३ द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री के बेटी बचाउ बेटी पढाउ अभियान में मधेसी आंदोलनकारी महिला नेतृत्वकर्ता के भूमिका उपर विचारगोष्ठी रखा गया। जनकपुरधाम के स्थानीय गोपाल धर्मशाला में आयोजित उक्त गोष्ठी में जनकपुरधाम उपमहानगर पालिका के उपमेयर रीता झा, हंसपुर नगरपालिका के उपमेयर रेणु झा, लगायत महिला आन्दोलनकरी में अग्रणी रही, विभा ठाकुर, पूनम झा मैथिल, विन्दु ठाकुर, सरिता शर्मा , विभा पाण्डे, लक्ष्मी साह, प्रमिला मण्डल, विन्दू यादव, पुष्पा मिश्रा, कुंती पाठक, मोती झा, लगायत करीब ४० महिला आंदोलनकारी उपस्थित हुए थे।

यह भी पढें   जनकपुरधाम वार्ड 23 का कार्यालय भवन का प्रथम चरण पूर्ण

मधेस आन्दोलन में अग्रणी भूमिका में रहे दीपक झा की अध्यक्षता में हुए उक्त कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि ज्येष्ठ आंदोलनकारी सदस्य सीता देवी राय रही थी। कार्यक्रम में बोलते हुए जनकपुरधाम के उपमेयर द्वय रीता झा एवं रेणु झा जी ने कहा कि मुख्यमंत्री के ” बेटी पढाउ, बेटी बचाउ” कार्यक्रम बारे आज तक उनके पास कहीं से भी कोई भी औपचारिक पत्र नही गया है। इससे सावित होता है कि प्रदेश नम्बर २” के अन्य स्थानीय सरकार के पास भी किसी तरह का कोइ पत्राचार नही हुआ होगा। वक्ताओं ने उक्त कार्यक्रम में बोलते हुए यहां तक कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा संचालित उक्त कार्यक्रम का नामकरण ही उल्टा है, वास्तव में यह कार्यक्रम “बेटी बचाउ, बेटी पढाउ” होना चाहिए, लेकिन यह कार्यक्रम “बेटी पढाउ, बेटी बचाउ” है जो कि गलत है। पहले बेटी बचेगी, तब तो बेटी पढ़ेगी। यह कार्यक्रम लागू करते समय किसी भी आंदोलनकारी महिलाओं से, या समाज के अग्रणी नेतृत्वकर्ता महिलाओं से किसी तरह का कोई अंतरकृया नही किया जाना भी दुर्भाग्यपूर्ण है।

यह भी पढें   बाढ़ के कारण रसुवा और नुवाकोट में स्वास्थ्य संकट: इलाज के लिए तरस रहे मरीज

मुख्यमंत्री कार्यालय स्वेच्छाचारी ढंग से जिला जिला में उक्त कार्यक्रम का संयोजक चयन किया जिस व्यक्ति को मधेस आंदोलन से कहीं कोई रिश्ता नही रहा। सबसे बड़ी बात तो यह है कि वह संयोजक को इस कार्यक्रम के बारे पूर्ण जानकारी नही है। जबकि यह बात सबके सामने है कि इस कार्यक्रम में करोड़ों रुपये खर्च हो गए हैं, लेकिन यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री कार्यालय के किसी कोने के एक टेबल पर सीमित है और वही पर फाइलिंग एवम बिलिंग में लगा है। गोपाल धर्मशाला में आयोजित आजके कार्यक्रम में कार्यक्रम के बारे जानकारी मधेस आन्दोलन के जिन्दा शहीद दिनेश पूर्वे जी ने कराया था , उद्धघोषन अरुण मधेशी जी ने किया।

यह भी पढें   विपक्षी दलों द्वारा संसदीय समिति गठन करने की मांग

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com