Wed. Feb 19th, 2020

विराटनगर में आयोजित होगा १७वाँ अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन

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माला मिश्रा बिराटर ।आगामी दिसम्बर महीने की २२ व २३ तारीख को २ दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। भारत व नेपाल के विभिन्न स्थानों पर प्रत्येक वर्ष २२ दिसम्बर के दिन को यादगार बनाने के लिये अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन के रूप में मनाया जाता है। इसी २२ दिसम्बर के दिन भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व की सरकार ने मैथिली को भारतीय संविधान की ८वीं अनुसूची में मान्यता देने का बिल लोकसभा में पास किया था। विश्व की अत्यन्त प्राचीन एवं मधुर भाषा मैथिली को इससे पहले हिन्दी की बोली माने जाने का लम्बे समय तक विरोध करते आ रहे मैथिल आन्दोलनियों ने डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजू (भारत) तथा डा. राम भरोस कापड़ि ‘भ्रमर’ (नेपाल) के नेतृत्व में विजयी दिवस के रूप में अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन निरन्तर मनाते आ रहे हैं। यह जानकारी विराटनगर में आयोजित होनेवाला सम्मेलन के संयोजक प्रवीण नारायण चौधरी ने दिया। उन्होंने कहा कि विराटनगर के लिये यह सौभाग्य का विषय होगा जहाँ सैकड़ों विद्वानों, समाजसेवियों, राजनीतिज्ञों, भाषा वैज्ञानिकों एवं अन्य विभूतियों का स्वागत करने का अवसर मिलेगा। इससे भाषा, संस्कृति एवं कला क्षेत्र में मैथिली का दमखम तो दिखेगा ही, आगामी नेपाल के २०२० का पर्यटन वर्ष के रूप में मनाये जाने की बातों का भी समुचित प्रचार-प्रसार किया जायेगा। पर्यटन विकास में भी इन सम्मेलनों का उल्लेखनीय भूमिका रहते आया है। इससे पहले भी नेपाल की राजधानी काठमांडू सहित मिथिला की प्राचीन राजधानी जनकपुर एवं राजविराज में कुल ५ सम्मेलन नेपाल में ही हुआ था। अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन भारत के विभिन्न महानगरों सहित अन्य स्थानों पर कुल ११ बार किया जा चुका है। इस अवसर पर नेपाली, भोजपुरी, थारू, राजवंशी, सहित अन्य प्रमुख भाषाओं के विद्वानों को भी सम्मानित किये जाने की परम्परा है। पुस्तक मेला, खानपान प्रदर्शनी, फैशन शो, फिल्म प्रदर्शन, नाटक मंचन, कवि सम्मेलन, विद्वत् परिचर्चा गोष्ठी आदि इस सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण होने की बातें चौधरी ने कहा।

विराटनगर के सारे मैथिल संस्थाओं के अगुवा इस सम्मेलन को भव्यता से करने के लिये पिछले शनिवार को विराटनगर स्थित मैथिली स्टडी सेन्टर में बैठक किये थे। इस बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ मैथिली साहित्यकार राना सुधाकर ने की, विशिष्ट अतिथि अपन विराटगढ परोपकार समाज की अध्यक्षा वसुन्धरा झा थीं, वहीं इसका संचालन संयोजक प्रवीण नारायण चौधरी ने किया था। इसमें सहभागी होनेवाले संस्थाओं कायस्थ समाज मोरंग, मैथिली सेवा समिति, मैथिली विकास अभियान, मैथिल महिला समाज के अगुवागण अमलेश कर्ण, विपुलेन्द्र झा, ओम प्रकाश साह, इन्द्र नारायण साह, भगवान झा, धीरज बर्मा, आभा अनुपमा, वन्दना चौधरी, प्रीति झा, पृथ्वी राजभर, राजेश झा, वीरेन्द्र कुमार शाह, प्रकाश नारायण झा, आशा झा, विपुल झा, अरविन्द झा, कर्ण संजय, नवीन कर्ण, शिवम मिश्रा प्रशान्त आदि उपस्थित थे।

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