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४ महिलाएँ सहित ३५ लोगों ने नेपालगन्ज में रक्तदान किया

नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल । जनमत अद्र्ध साप्ताहिक, द आर्ट अफ लिभिङ, बाँके कीे सहकार्य में नेपालगन्ज में रक्तदान किया गया ।
अन्र्तराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर श्रावण ३२ गते शनिवार को सुर्खेत रोड स्थित वेष्टर्न बिजनेस कम्लेक्स नेपालगन्ज में सम्पन्न रक्तदान कार्यक्रम में ४ महिलाएँ सहित ३५ लोगों ने बडी उत्साहपूर्वक रक्तदान किया ।
वह ररक्तदान कार्यक्रम में स्वयम्सेवी रक्तदाता, पत्रकार, व्यवसायी, रेडक्रसकर्मी, रडियोकर्मी, कर्मचारी, लगायत लोगों ने रक्तदान किया था ।
वह कार्यक्रम में जनमत अद्र्ध साप्ताहिक के सम्पादक पूर्णलाल चुके और नेपाल रेडक्रस सोसाइटी बाँके शाखाद्वारा सञ्चालित मध्यपश्चिम क्षेत्रीय रक्त सञ्चार सेवा केन्द्र के प्रमुख उपेन्द्र रेग्मी ने प्राविधिक को खून की पाकेट हस्तान्तरण करके कार्यक्रम की शुभारम्भ किया था ।
जनमत अद्र्ध साप्ताहिक पत्रिका की रजत वर्ष–२०६३ साल से ही ‘रक्तदान जीवनदान’ नियमित रुप में सञ्चालित ‘त्रैमासिक रक्तदान कार्यक्रम’ की वह ४३ वीं श्रृङ्खला में रक्तदान करने वालों में रक्तदाताओं को द आर्ट अफ लिभिङ के प्रमुख प्रशिक्षक काव्य लम्साल और सम्पादक पूर्णलाल चुके ने प्रशंसा पत्र वितरण किया था ।
वह कार्यक्रम में स्वयम्सेवी रक्तदाता युवा समाजसेवी डिला शाह, नेपाल पत्रकार महासंघ के पूर्व केन्द्रीय सदस्य झलक गैरे, हरित अभियान के अभियन्ता हेमन्त काफ्ले, नियमित रक्तदाताओं में नीरजमान श्रेष्ठ, श्वेता बज्राचार्य, सुश्री विष्णु सिंह ठकुरी, श्रृष्टी खड्का, पप्पु कुमार जायसवाल, अमित अग्रवाल, पत्रकार शंकर प्रसाद खनाल, कलाकार प्रशान्त चौवे रहें थे ।
इसी तरह रेडियो कृष्णसार एफ.एम. के प्रमोद डि.जी., परशुराम वर्मा, मेघराज जि.एम., ब्यापारियों में लक्ष्मण कुमार वैश्य, पवन कुमार वैश्य, विनोद कुमार वैश्य रहे थे । छायाँ दत्त शर्मा, दिपेन्द्र रावल, श्याम भक्त मल्ल, राजन वर्मा, शेर बहादुर बोहरा, धर्मेन्द्र सिंह, सुशील कुमार गुप्ता, गौतम प्रसाद पौडेल, जगत बहादुर कुर्मी, दिपेश परियार, रेडक्रसकर्मी सुनिल रत्गैया, होमराज गिरी, सञ्जय बढई, प्रहलाद विश्वकर्मा, शेर बहादुर बोहरा, अमित परियार, आशिक अली बेहना लगायत लोगों ने रक्तदान किये थे सम्पादक पूर्णलाल चुके ने बताया ।
स्वास्थ्य विज्ञान के अनुसार नियमित रक्तदान करनेवाले पुरुषों में होनेवाली क्ष्चयल यखभचयिबम कम हो जाती है और हृदयघात होने की सम्भावना ८८ प्रतिशत कम होती है क्यान्सर और मधुमेह रोग होन की सम्भावना कम होती है ।
ऐसे ही प्रत्येक दिन इन्सान की शरीर से ८० मिली लिटर खून वैसे ही नष्ट होकर जाती है, रक्तदान करने के बाद शरीर में नयाँ रक्त कोशिकाएँ बनती है रक्त प्रणाली ताजा होती है और अपना जो रक्तदान किया वह खून की मात्रा चार साता के अन्दर पुनः तयार होन में निश्चिन्त होकर रक्तदान कर सकते है थाइल्याण्ड में अध्यापनरत स्वास्थ्य विज्ञ डा. आमोद शर्मा ने जानकारी दी है ।
डा आमोद शर्मा के अनुसार नियमित रक्तदान करनेवाले पुरुषों में होनेवाली क्ष्चयल यखभचयिबम कम हो जाती और र हृदयघात होन की सम्भावना ८८ प्रतिशत कम होती लेकिन क्यान्सर और मधुमेह रोग होने की सम्भावना कम होती है । प्रत्येक दिन ईन्सान के शरीर से ८० मिली लिटर खून नष्ट होती है, रक्तदान करेक बाद शरीर में नयाँ रक्त कोशिकाएँ बनती रक्त प्रणाली ताजा है और अपना रक्तदान किया बराबर की खून की मात्रा चार साता के अन्दर पुनः तयार होती है इस लिये रक्तदान करने से आदमी के शरीर में कोई भी प्रतिकुल असर नही पडती है ।
वह कार्यक्रम में नेपाल रेडक्रस सोसाइटी बाँके शाखाद्वारा सञ्चालित मध्यपश्चिम क्षेत्रीय रक्त सञ्चार सेवा केन्द्र के प्रमुख उपेन्द्र रेग्मी के नेतृत्व में राजेन्द्र कुमार महतरा, सुनिल रत्गैया, सुनिल थापा मगर, केशर सिंह डाँगी, तेज बहादुर डाँगी लगायत लोगों ने प्राविधिक सहयोग किया था ।
बि.सं.२०६३ साल वैशाख से ही निरन्तर रुप में आयोजन करते आ रही है त्रैमासिक रक्तदान कार्यक्रम में अभी तक कहा जाय तो करीब २ हजार ७ सौ से अधिक संख्या में स्वयम्सेवी रक्तदाताओं ने रक्तदान कर चुके है ।
जनमत के कुछ नियमित रक्तदाताओं ने विविध कारणवस उपस्थित नही हो पाये और रक्तदान करने की उच्च अभिलाषा लेकर आये थे लेकिन रक्तचाप, न्यून रक्त चाप और औषधि सेवन के कारण से करीब एक दर्जन से अधिक लोगों रक्तदान नही कर पाये थे वो लोग निरास होकर लौट गये और वास्तविक कहा जाय तो अभी भी कुछ लोगों में अज्ञानता रही रक्तदान करने में है इस में सम्बन्धित निकाय के लोगों ने समय समय पर रक्तदान करने के लिये उत्प्रेरणा प्रदान करें तो ज्यादा बेहतर होगा ।

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