शहीद परिवार और आन्दाेलन में घायल लाेगाें ने सरकार के विरुद्ध आन्दाेलन करने की चेतावनी दी
वीरगन्ज :
मधेस आन्दोलन के शहीद परिवार और घायलाें ने मधेसी दल और प्रदेश २ सरकार के विरुद्ध सडक आन्दोलन में उतरने की चेतावनी दी है। सोमबार वीरगन्ज में जमा हुए, बारा, रौतहट और सर्लाही के शहीद परिवार और घायलाें ने पत्रकार सम्मेलन कर मधेस आन्दोलन मुद्धा सम्बोधन नहीं हाेने पर आन्दोलन की चेतावनी दी है ।
उनका कहना है कि मधेस आन्दोलन के समय नेता शहिद के परिवार और घायलाें काे ५० लाख देने की बात कह कर गाेली खाने के लिए मजबूर किया था वही आज सत्ता में जाने के बाद अपनी बात भूल गए हैं ।
शहीद के परिवार काे १० लाख और घायलाें काे ३ लाख रुपया देकर टाल दिया गया और अब पचास लाख की बात नेता सुनना ही नहीं चाहते हैं ।
मधेस आन्दोलन के समय घायल हुए रौतहट गौर के लालबाबु पटेल का कहना है कि,‘मधेस आन्दोलन के समय मधेसी दल के नेता ५० लाख देने की बात कह कर उकसाए थे और अभी भैंस देकर बात टाल रहे हैं । हमलाेगाें ने जाे खून बहाया था उसकाे सीढी बना कर नेता सत्ता में पहुँच कर हमारे बलिदान काे भूल गए हैं । हमारे खून पर राजनीति कर रहे हैं ।
पहले मधेस आन्दोलन (२०६३-०६४) के क्रम में प्रहरी की गाेली से पैर गवाने वाले पर्सा के कालीकामाई गाँउपालिका १ के राजेश्वर साह कानु कहते हैं कि गाेली लगने से पैर कटवाना पडा अभी कृत्रिम पैर लगा है उसमें हर साल बीस हजार रुपया लगता है पर नेताओं काे काेई मतलब ही नहीं है कर्जा लेकर कितना इलाज करवाएँ ।
इसे देखिये
कुछ शहीद के परिवार के सदस्याें काे पियून में भरती कर के जूठा माँजने और झाडु लगवाने का काम करवाना शहीदाें का अपमान ही है । शहीद हुए चन्दन पटेल के पिता का यही दर्द है कि बलिदानी के परिवार काे नाैकर की जागीर नेता देते हैं इसलिए मैंने नाैकरी माँगी ही नही ।
मधेस आन्दोलन के शहीद के परिवार और घायलाें ने अब आन्दाेलन की चेतावनी दी है ।
उनलाेगाें ने १५ दिन का अल्टिमेटम दिया है और मुख्यमन्त्री काे ज्ञापनपत्र पेश किया है और चेतावनी दी है कि अगर उनके विषय काे सम्बाेधित नही किया गया ताे आठाें जिला में आन्दाेलन हाेगा । ।


