महात्मा गांधी जी के बारे में कुछ रोचक तथ्य
महात्मा गांधी ने हर व्यक्ति से कुछ न कुछ सीखा लेकिन उन्हें भगवान महावीर, महात्मा बुद्ध और भगवान श्रीकृष्ण पसंद थे। उनके पास हमेशा गीता रहती थी जबकि वे महावीर स्वामी के पंचमहाव्रत और महात्मा बुद्ध के आष्टांगिक मार्ग का पालन करते थे।
संयुक्त राष्ट्र ने गांधी जी के जन्म दिन 2 अक्टूबर को विश्व अहिंसा दिवस (world non-violence day) घोषित किया हुआ है.
महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन को दो लोग पसंद थे महान मानवतावादी अल्बर्ट श्वाइटज़र और अहिंसा के समर्थक महात्मा गांधी। आइंस्टीन ने कहा था- ‘पश्चिम में अकेले अल्बर्ट श्वाइटज़र ही ऐसे हैं जिनका इस पीढ़ी पर उस तरह का नैतिक प्रभाव पड़ा है, जिसकी तुलना गांधी से की जा सकती हो। आइंस्टीन और महात्मा गांधी में थोड़ा बहुत पत्राचार भी होता था।
सन 1930 में उन्हें अमेरिका की टाइम मैगजीन ने “Man Of the Year” का पुरुस्कार दिया था.
एक न्यूज एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत के बाद गांधी की सबसे ज्यादा प्रतिमाएं व स्मारक अमेरिका में हैं लेकिन महात्मा गांधी अपने जीवन में कभी अमेरिका नहीं गए
सन 1931 की इंग्लैंड यात्रा के दौरान गांधी जी ने पहली बार रेडियो पर अमेरिका के लिए भाषण दिया। रेडियो पर उनके पहले शब्द थे “क्या मुझे इस माइक्रोफोन के अंदर बोलना पड़ेगा?” “Do I have to speak into this thing?”
एक बार गांधी जी का जूता चलती ट्रेन में से नीचे गिर गया, उन्होंने तुरंत अपना दूसरा जूता भी उतार कर ट्रेन से फेंक दिया पूछने पर उन्होंने कहा “एक जूता न तो मेरे काम आएगा न ही उसके जिसे मेरा दूसरा जूता मिलेगा। कम से कम अब वह आदमी तो दोनों जूते पहन सकेगा जिसे मेरे दोनों जूते मिलेंगे”.
दक्षिण अफ्रीका में वह बहुत सफल वकील बने और उनकी आमदनी दक्षिण अफ्रीका में $15000 डॉलर सालाना तक हो गई थी. जरा सोचिये, 99% भारतीयों की सालाना आय आज भी इससे कम है.
महात्मा गांधी अपने जीवन में प्रत्येक दिन 18 किलोमीटर चलते थे जो कि उनके जीवन काल में धरती के 2 चक्कर लगाने के बराबर था। वे अपनी सेहत के प्रति सजग थे और 110 वर्ष जीना चाहते थे।
1999 में गांधी जी को Times Magzine द्वारा Albert Einstein के बाद 19वीं सदी का दूसरा सबसे प्रभावशाली व्यक्ति चुना गया
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