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स्त्री बिना उच्च शिक्षित हुए अपने सपनो को पूरा नहीं कर सकती ।

 

भगवती कन्या महाविद्यालय (लालगढ़, जाटान) में ‘स्त्री, शिक्षा और सशक्तिकरण’ विषय पर व्याख्यान… “स्त्री बिना उच्च शिक्षित हुए अपने सपनो को पूरा नहीं कर सकती । उसे आगे बढ़ना है तो इसी रास्ते से होकर गुजरना होगा ।” ये विचार एमडीएस यूनिवर्सिटी, रोहतक की हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डाॅ पुष्पा ने व्यक्त किये । वे महाविद्यालय में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में विशेष रूप से पधारी थीं । उन्होंने कहा कि सिर्फ व्याख्यान , सेमिनार, विमर्श ही काफी नहीं है बल्कि आगे बढ़ने के लिए स्त्री के स्वयं के प्रयास और संघर्ष होंगे तभी स्त्री सशक्तिकरण संभव है । उन्होंने सिमोन को कोट करते हुए कहा कि- सिमोन का मानना था कि स्त्री पैदा नहीं होती बनाईं जाती है, इस बात को ध्यान में रखते हुए इस ‘बनने’ का शिकार नहीं होना है बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज में अपना रुतबा कायम करना है ।

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उन्होंने कहा कि जो भी स्त्री आज प्रगति के सोपान पर खड़ी है उसकी एक मात्र सीढ़ी शिक्षा ही है । उन्होंने कहा कि स्त्री के उत्थान के लिए आज पुरुष भी उसका सहयोग कर रहा है । डाॅ पुष्पा ने कहा कि स्त्री विमर्श के सही मायने वही है जहाँ स्त्री परिवार को बनाए रखते हुए खुद को आगे बढ़ाने की कोशिश करें । इससे पूर्व महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजाराम कस्वाँ ने डाॅ पुष्पा का स्वागत किया । श्री कस्वाँ ने इस अवसर पर कहा कि हमारा महाविद्यालय स्त्री शिक्षा के लिए तहे-दिल से समर्पित है । उन्होंने कहा कि डॉ पुष्पा का रोहतक से अकेले स्वयं गाड़ी चलाकर बेझिझक इतनी दूर आना ही स्त्री सशक्तिकरण का उदाहरण है ।

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कार्यक्रम के उपरांत श्री राजाराम कस्वाँ, श्रीमती पुष्पा साहू और सुभाष सिंगाठिया ने स्मृति चिह्न देकर डाॅ पुष्पा को सम्मानित किया । इस दौरान व्याख्याता भीमसेन मालिया, सुचित्रा और महाविद्यालय की छात्राएँ विशेष रूप से उपस्थित थीं । छात्राओं में मोनिका गोदारा, रेणु गोदारा, अलका सुथार, दीपिका सहारण, सुनीता माहर आदी ने सवालों के माध्यम से अपनी जिज्ञासा शाँत की । मंच संचालन हिंदी विभाग के सुभाष सिंगाठिया ने किया ।

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