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जेम्‍स ले मेसरियर की माैत ने सबकाे हिला कर रख दिया, जानिए काैन थे जेम्स

 

सीरिया का जिक्र हमारे जहन में आते ही एक ऐसी जगह की तस्‍वीर उभर कर सामने आती है जहां के लोगों का हर दिन बमबारी के बीच गुजरता है। इसके अलावा वो लोग भी याद आते हैं जो बमबारी के बीच लोगों की जान बचाने के लिए हमेशा जूझते रहते हैं। इन्‍हें सीरिया में व्‍हाइट हेलमेट या सीरिया सिविल डिफेंस के नाम से जाना जाता है। इसको खड़ा करने वाले थे ब्रिटिश सेना के अधिकारी जेम्‍स ले मेसरियर (James Le Mesurier), जिनके निधन की पुष्टि हाल ही में तुर्की ने की है। व्‍हाइट हेलमेट (White Helmets) के लिए यह एक बड़ा सदमा है। जेम्‍स कई देशों में संयुक्‍त राष्‍ट्र की शांति सेना (United Nation peace keeping force) के सदस्‍य के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके थे।

सिर और पांव में गंभीर चोट

जेम्‍स अपार्टमेंट के बाहर सड़क पर गंभीर अवस्‍था में मिले थे। उनके सिर और पांव में गंभीर चोट थी। इसकी वजह से ही उनकी मौत भी हुई। हालांकि उनके दोस्‍त का कहना है कि वह कुछ समय से तनाव में थे। हालांकि पुलिस को इसमें कोई दूसरी वजह दिखाई नहीं दे रही है। तुर्की पुलिस आसपास की वीडियो फुटेज की जांच करने और शव का पोस्‍टमार्टम करने के बाद इस नतीजे पर पहुंची है। लेकिन यहां पर एक बात बेहद साफ है और वो ये कि जेम्‍स की इस मौत के बारे में कभी किसी ने नहीं सोचा होगा। फिलहाल तुर्की जेम्‍स के शव को ब्रिटेन भेजने की तैयारी कर रहा है।

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रेस्‍क्‍यू में हर वक्‍त आगे

जहां तक उनके द्वारा बनाई गई वोलेंटियर ऑर्गेनाइजेशन (volunteer organisation) व्‍हाइट हेलमेट की बात है तो आपको बता दें कि वह हर रोज की तरह अब भी उन लोगों की मदद के लिए सबसे आगे खड़ी है जिन्‍हें उनकी सबसे ज्‍यादा जरूरत है। बीते पांच वर्षों में यह ऑर्गेनाइजेशन सीरिया में करीब एक लाख लोगों को रेस्‍क्‍यू कर उनकी जान बचा चुकी है। इस ऑर्गेनाइजेशन में हर क्षेत्र के लोग शामिल हैं।

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सीरिया में हमलों के बीच 252 कार्यकर्ता लोगों की जान बचाते हुए अपनी जान खो बैठे हैं। वहीं 500 से अधिक कार्यकर्ता घायल हुए हैं। इस ऑर्गेनाइजेशन की एक खास बात ये भी है कि वह जो बीत गया उसको कभी पकड़े नहीं रहता। इस ऑर्गेनाइजेशन के लोगों में वो भी शामिल हैं जिन्‍होंने करीब से अपनों को मरते या तड़पते देखा है।अपने दर्द की परवाह किए बिना यह हाथ हर रोज लोगों की मदद के लिए उठते हैं।

 

जंग का मैदान बना है सीरिया

गौरतलब है कि सीरिया बीते कई वर्षों से अशांति से जूझ रहा है। यह एक ऐसा जंग का मैदान बन चुका है जहां पर रूस, तुर्की, सऊदी अरब, अमेरिका बमबारी करते रहे हैं। यह दो तरफा जंग सीरियाई सरकार (Government of Syria) के समर्थक और विद्रोहियों के बीच वर्षों से छिड़ी है। लोगों के जीवन को बचाने की इस दौड़ में सिर्फ पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी शामिल हैं। इस ऑर्गेनाइजेशन के साथ दो सौ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं जो लोगों की जान बचाने में अपनी भागीदारी निभाती हैं। 9 सितंबर 1990 को जेम्‍स ब्रिटिश रॉयल आर्मी की रॉयल ग्रीन जैकेट में बतौर सेकेंड लेफ्टिनेंट शामिल हुए थे। पहले अगस्‍त 1993 और फिर 1996 में उनके काम को देखते हुए उन्‍हें प्रोन्‍नति दी गई। वर्ष 2000 में उन्‍होंने सेना से रिटायरमेंट ले ली और यूगोस्‍लोवाकिया में यूएन का हिस्‍सा बन गए।

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मेडे रेस्‍क्‍यू की शुरुआत

सीरिया में व्‍हाइट हेलमेट को खड़ा करने से पहले जेम्‍स ने तुर्की में मेडे रेस्‍क्‍यू (James Le Mesurier founded Mayday Rescue) की शुरुआत की थी। इसके तहत उन्‍होंने आपात स्थिति में खुद का बचाव करते हुए दूसरों को बचाने की ट्रेनिंग दी। इसके बाद में सीरिया सिविल डिफेंस या व्‍हाइट हेलमेट को खड़ा किया जो आज दो लाख के करीब लोगों की जान बचा चुका है।

दैनिक जागरण से साभार

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