पक्ष और विपक्ष के बीच शीत अधिवेशन में मिलेनियम च्यालेञ्ज कर्पोरेसन पर चर्चा
शुक्रबार अपरान्ह ४ बजे से संसद का शीत अधिवेशन शुरु हुआ है । अधिवेशन में कुछ राजनीतिक दलाें एवं नेताओं ने मिलेनियम च्यालेञ्ज कर्पोरेसन अर्थात् एमसीसीको आगमन और अस्तित्व तथा इस के प्रभाव पर व्यापक चर्चा शुरु हुई है ।
सत्तारुढ दल नेकपा कुछ नेता एमसीसी काे संसद से पास नहीं कराने के पक्ष में हैं साथ ही अगर संसद से पास हाेता है ताे इसमें संशाेधन की आवश्यकता पर बल दिया है । मुख्यतः अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल, माधव नेपाल, झलनाथ खनाल और वामदेव पक्षधर के नेता का मानना है कि एमसीसी भी इन्डो प्यासिफिक स्ट्राटेजी का ही एक हिस्सा है इसलिए असंलग्न नीति में अडिग नेपाल एमसीसी में सहभागिता नही जता सकता और अगर वाे ऐसा करता है ताे स्वतः इन्डो–प्यासिफिक स्ट्राटेजी स्वीकार हाे जाएगा इसलिए ये विराेध कर रहे हैं ।
नेकपा के सचिवालय बैठक में भीम रावल, देव गुरुङ आदि नेता एमसीसी का विरोध कर रहे हैं वहीं परराष्ट्रमन्त्री नेता प्रदीप ज्ञवाली, उपप्रधानमन्त्री ईश्वर पोखरेल आदि नेता इसका बचाव करते हुए इसे नेपाल के हित में मान रहे हैं।
क्या है मिलेनियम च्यालेन्ज कर्पोरेसन अर्थात् एमसीसी ?
विश्वव्यापी गरीबी काे कम करने के लिए अमेरिका अल्पविकसित तथा विकासोन्मुख देश काे देने वाली सहायता ही मिलेनियम च्यालेन्ज कर्पोरेसन है । वर्तमान में २० देश में इस कार्यक्रम द्वारा अमेरिका विभिन्न देशाें में सहयोग कर रहा है ।
नेपाल सरकार एमसीसी काे औपचारिक रूप में स्वीकार कर चुकी है बावजूद इसके एमसीसी एस काे संसद से पास कराना चाह रही है ।
नेपाल में सन् २०१७ से ही मिलेनियम च्यालेन्ज कर्पोरेसन के नाम पर सहयोग के लिए कार्यक्रम शुरु हाे चुका है । अमेरिकी सरकार ने सहयोग के लिए अर्थ सचिव के अध्यक्ष रहने वाली संस्था बनाई है जिसके तहत अमेरिका सरकार से पचास कराेड डालर की सहायता सरकार ले चुकी है । ।
इसके लिए सन् २०१७ के सेप्टेम्बर १४ में तत्कालीन अर्थमन्त्री ज्ञानेन्द्रबहादुर कार्की ने वासिङ्टन डीसी पहुँच कर एमसीसी के सहयोग वाले सम्झौते पर हस्ताक्षर किया था ।
अर्थमन्त्री कार्की ने वासिङ्टन में हस्ताक्षर करने के बाद २०७४ चैत २० गते नेपाल सरकार ने मिलेनियम च्यालेन्ज कर्पोरेसन का सहयोग लेने और कार्यान्वयन करने के लिए मिलेनियम च्यालेन्ज एकाउन्ट नेपाल नामक विकास समिति गठन आदेश मार्फत् स्वीकृत किया । २०७५ असोज ५ गते नेपाल सरकार ने ऊर्जा व्यापार के राष्ट्रीय गौरव के आयोजना तहत एमसीसी के आयोजना अन्तर्गत कार्यक्रम सञ्चालन करने का निर्णय किया यह सब देखते हुए यह स्पष्ट है कि नेपाल ने एमसीसी काे स्वीकार कर लिया है ।

