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भारत के गौरव- एक थे अटल

 

जयंती विशेष

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 95वीं जयंती आज

निक्की शर्मा रश्मि

उजियारे में अंधकार में कल कहार में

बीच धार में घोर घृणा में

पुत प्यार में क्षणिक जीत में

दीर्घ हार में जीवन के

शत-शत आकर्षक अरमानों

को ढलना होगा कदम मिलाकर चलना होगा….

अटल बिहारी वाजपेई जी की कविता आपने जरूर सुनी होगी।हर कविता उत्साह जगाती और जीवन की सच्चाई को बयां करती मिलेगी। जीवन की चुनौतियों से हमेशा ही लड़ने की सीख देने वाले भारत के अनमोल रत्न अटल बिहारी वाजपेईजी की राजनीति, आस्था और निष्ठा में सबसे ऊपर नाम है अगर तो हमारे अटल जी का। जो संसद के गौरव रहे हैं। हर किसी की आत्मा की आवाज है।वे केवल नाम के अटल नहीं ऐसे शख्स रहे जिन्होंने अटल होकर विश्वास के साथ अनमोल स्थान बनाए रखा।उन्हे एक इतिहास पुरुष के रूप में हमेशा जाना जाएगा।उनकी उदारता हर किसी का मन मोह लेती थी। एक शिक्षक के घर जन्म लेने वाले अटल बिहारी वाजपेई का जीवन चुनौतियों से भरा रहा।बेहद नम्र स्वभाव, अहंकार नाम मात्र भी नहीं। विनम्रता से भरी शख्सियत उनकी रही है।हमेशा दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत रहे अटल जी बहुत मिलनसार व्यक्तित्व के इंसान रहे, उनकी भाषा का लोगों में बहुत प्रभाव पड़ता था।उनके बोलने की शैली से लोग प्रभावित होते थे।अटल जी के हिंदी के चुने हुए शब्दों का असर इतना होता था कि तालियों की गूंज देर तक सुनाई देती थी। कई बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिंदी में संबोधित कर सब को अपना कायल बना लिया था ।उन्हें शब्दों का जादूगर भी कहा गया है। नेता के साथ-साथ उनके पास एक कवि का हृदय भी था। कविता उनके रग-रग में बसी थी,उनकी कविताओं का जादू लोगों का मन मोहने में कामयाब रहती थी।

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गीत नया गाता हूं… और हार नहीं मानूंगा राह नहीं ठानूंगा… उनकी हर कविता चुनौतियों से लड़ना सिखाती थी। वह अक्सर ही कविता की कुछ पंक्तियां सुना कर सभी का मन मोह लेते थे। एक तरह से कहें तो वह कुशल राजनीतिज्ञ, कवि और लेखक भी थे। भारत रत्न से सम्मानित और तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे वाजपेई जी अपनी कविताओं के जरिए हर बात को बड़े ही सुंदर ढंग से सबके सामने रख देते थे।अपनी वाकपटुता के लिए जाने जाते थे,उनकी बातों में इतना दम होता था कि लोग उनकी ओर खींचे चले आते थे। अटल जी हमेशा अविवाहित रहे 25 दिसंबर को जन्मे अटल बिहारी वाजपेई ने अपनी आखिरी सांस एम्स अस्पताल में ली। पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीति में 50 सालों से सक्रिय रहे अटल जी जैसा नेता होना हमारे देश के लिए बहुत ही गर्व की बात है। हमने एक अच्छे नेता के साथ-साथ एक कवि को भी खो दिया जो अपनी कविता से सबको आश्चर्यचकित होने पर मजबूर कर देते थे। उनका हिंदी प्रेम उनकी कविता में साफ झलकती थी। छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता ….. उनकी हर कविता जीवन की सच्चाई को, चुनौतियों को दर्शाती हुई है। एक अच्छे नेता के साथ-साथ एक पत्रकार,एक कवि एक लेखक को भी हमने खो दिया लेकिन हमारे हृदय में हमेशा रहेंगे।

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निक्की शर्मा रश्मि मुम्बई (मीरा रोड)

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