डाली से रूठ कर के जिस दिन कली गयी थी, बस उस ही दिन से अपनी क़िस्मत छली गयी थी
रातें सुलग रही हैं दिन भी दहक रहे हैं
जब से है तुमको देखा हम इतना जानते हैं
तुम भी महक रहे हो हम भी महक रहे हैं
बरसात भी नहीं पर बादल गरज रहे हैं
सुलझी हुई हैं ज़ुल्फ़ें और हम उलझ रहे हैं
मदमस्त एक भंवरा क्या चाहता कली से
तुम भी समझ रहे हो हम भी समझ रहे हैं
अब भी हसीन सपने आंखों में पल रहे हैं
पलकें हैं बंद फिर भी आंसू निकल रहे हैं
नींदें कहां से आएं इस दर पे करवटें हैं
वहां तुम बदल रहे हो यहां हम बदल रहे हैं
डाली से रूठ कर के जिस दिन कली गयी थी
बस उस ही दिन से अपनी क़िस्मत छली गयी थी
अंतिम मिलन समझ कर उसे देखने गया तो
था प्लेटफ़ॉर्म खाली गाड़ी चली गयी थी
चांदनी रात में रंग ले हाथ में ज़िंदगी को नया मोड़ दें
तुम हमारी कसम तोड़ दो हम तुम्हारी कसम तोड़ दें
प्यार की होड़ में दौड़कर देखिए
झूटे बंधन सभी तोड़कर देखिए
श्याम रंग में जो मीरा ने चूनर रंगी
वो ही चूनर ज़रा ओढ़कर देखिए
तुम अगर साथ दो हाथ में हाथ में हाथ दो
सारी दुनिया को हम छोड़ दें
तुम हमारी कसम तोड़ दो
हम तुम्हारी कसम तोड़ दें
देखिए मस्त कितनी बसंती छटा
रंग से रंग मिलकर के बनती हवा
सिर्फ़ दो अंक का प्रश्न हल को मिला
जोड़कर नाता तुमने दिया है घटा
एक हैं अंक हम एक हो अंक तुम
आओ दोनों को यूं जोड़ दें
तुम हमारी कसम तोड़ दो
हम तुम्हारी कसम तोड़ दें
आओ मेंहदी महावर की शादी करें
उम्र भर साथ रहने का आदी करें
फूल से पंखुरी अब न होगी अलग
सारे उद्यान में ये मनादी करें
हमको जितना दिखा सिर्फ़ तुमको लिखा
अब ये पन्ना यहीं मोड़ दें
तुम हमारी कसम तोड़ दो
हम तुम्हारी कसम तोड़ दें



